शाहजहांपुर। काकोरी एक्शन के क्रांतिकारियों व अमर शहीदों की स्मृति में बनकर तैयार शहीद संग्रहालय का लोकार्पण मंगलवार को होगा। लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर तैयारियों का डीएम इंद्र विक्रम सिंह व नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने जायजा लिया। कमियां मिलने पर कर्मचारियों को फटकार भी लगाई।
डीएम व नगर आयुक्त सोमवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे जीएफ कॉलेज के सामने नवनिर्मित शहीद संग्रहालय पहुंचे। लोकार्पण कार्यक्रम के लिए वहां बन रहे मंच को देखकर कर्मचारियों को साइज बढ़ाने के निर्देश दिए। कहा कि मंच पर सिर्फ अतिथि ही मौजूद रहेंगे। मंच के सामने कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। डीएम व नगर आयुक्त ने शहीद संग्रहालय के गेट पर लगाए जा रहे लोकार्पण के शिलापट को देखा, जिसमें लिखे गए विवरण में कई गलतियां देख वह खफा हो गए।
शहीद संग्रहालय के अंदर दीवारों पर स्वाधीनता आंदोलन के इतिहास पर लिखे शब्दों में भी गलतियां मिलीं। जिसको लेकर डीएम ने नाराजगी जताई और सुधार कराने के निर्देश दिए। शहीद संग्रहालय में रखे उद्योगों, पर्यटन स्थलों और प्रमुख संस्थानों के मॉडलों में केआर पल्प व पेपर के मॉडल की ऊंचाई को कम करने के लिए निर्देशित किया। डीएम को शहीद संग्रहालय में रखी एक-एक वस्तु का बारीकी से निरीक्षण पर तमाम खामियां मिलीं, जिसमें सुधार कराने के लिए निर्देश दिए हैं। इस मौके पर अपर नगर आयुक्त एसके सिंह, छावनी परिषद के नामित सदस्य अवधेश दीक्षित मौजूद रहे।
प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री व अन्य नेता रहेंगे मौजूद
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि शहीद संग्रहालय का लोकार्पण मंगलवार दोपहर 12 बजे केंद्र सरकार में संस्कृति, पर्यटन एवं उत्तर पूर्व विकास क्षेत्र मंत्री जी. किशन रेड्डी करेंगे। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के वित्त चिकित्सा शिक्षा एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, प्रविधिक शिक्षा मंत्री जितिन प्रसाद, संस्कृति, पर्यटन, धर्मार्थ कार्य एवं प्रोटोकाल (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री नीलकंठ तिवारी, सांसद अरुण कुमार सागर, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव, प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन विभाग मुकेश कुमार मेश्राम, छावनी परिषद के नामित सदस्य अवधेश दीक्षित, ब्रिगेडियर राजेश रमन और कैंटोमेंट बोर्ड के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहेंगे।
नौ करोड़ रुपये में बनकर तैयार हुआ शहीद संग्रहालय
कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के प्रयासों से छावनी परिषद की जमीन पर शहीद संग्रहालय का निर्माण हुआ है। इसमें नौ करोड़ रुपये की लागत आई है। छावनी परिषद के नामित सदस्य अवधेश दीक्षित ने बताया कि शहीद संग्रहालय काकोरी एक्शन के क्रांतिकारियों व अमर शहीदों की याद में बना है। शहीद संग्रहालय के निर्माण को भारत सरकार की ओर से पांच करोड़ और प्रदेश सरकार ने चार करोड़ रुपये दिए है। शहीद संग्रहालय की भूमि छावनी परिषद की है, जिसको तत्कालीन रक्षामंत्री मनोहर पारेकर व कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के प्रयास से वी फोर से सी लैंड में कन्वर्ट कराकर आवंटित किया था।
1857 से स्वतंत्रता प्राप्ति तक के इतिहास का वर्णन और झांकियां
शहीद संग्रहालय में एक गैलरी बनाई गई है, जिसमें स्वाधीनता संग्राम के 1857 से लेकर आजादी मिलने तक के इतिहास का वर्णन है। इनके अलावा काकोरी ट्रेन एक्शन, अंग्रेजों से लोहा लेतीं झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, लाल किले पर स्वतंत्रता का जश्न मनाते लोग, इलाहाबाद जेल में कैद ठा. रोशन सिंह के किताब पढ़ने का दृश्य, काकोरी एक्शन से संबंधित अदालत का दृश्य आदि झांकियों को भी प्रस्तुत किया है।
उद्योगों और पर्यटन स्थलों के मॉडल रखे गए
जिले के उद्योगों, पर्यटन स्थलों व अन्य प्रमुख स्थानों के मॉडल बनाए गए हैं। जोकि लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इन मॉडलों में प्रमुख रूप से ओसीएफ, केआर पेपर मिल, रिलायंस थर्मल पॉवर, हनुमत धाम, रामचंद्र मिशन आश्रम का मॉडल रखा गया है।
लाइब्रेरी में पढ़ सकेंगे देश का इतिहास
शहीद संग्रहालय में एक लाइब्रेरी भी बनी है, जिसमें इतिहास से जुड़ी किताबें पढ़ने को मिलेंगी। इनमें स्वाधीनता संग्राम, काकोरी कांड के साथ ही अमर शहीदों के लिखी किताबें व रचनाओं से संबंधित पुस्तकें भी शामिल रहेंगी।
ओपन थियेटर में होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
अमर शहीदों की धरती को रंगमंच से भी बड़ी पहचान मिली है। गांधी भवन प्रेक्षागृह में रंगमंच के कलाकारों द्वारा आए दिन तमाम नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाती हैं। अब शहीद संग्रहालय में भी एक ओपन थियेटर का निर्माण हो चुका है। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम हो सकेंगे। ओपन थियेटर में 250 लोगों के बैठने की व्यवस्था और कलाकारों के लिए ग्रीन रूम भी है।
फव्वारा और आर्मी के टैंक आकर्षण का केंद्र
संग्रहालय के ठीक सामने ही एक फव्वारा बनाया गया है। इसके आसपास पौधरोपण कर सौंदर्यीकरण हुआ है। साथ ही गेट पर आर्मी के दो टैंक रखे गए हैं। जोकि लोगों के आकर्षण का केंद्र होंगे।