नगर निगम के निर्माणाधीन कार्यालय के पास सोमवार दोपहर करीब 12 बजे दो महिलाएं झोले में बच्ची को लेकर पहुंचीं थीं। उन्होंने बच्ची को पास में बने एक गड्ढे में रख दिया और उसके ऊपर मिट़्टी-ईंट डाल दी। बच्ची के रोने की आवाज पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। बच्ची को देखकर उन लोगों ने उसे बाहर निकाला। इसके बाद 112 नंबर पर फोन करके पुलिस को सूचना दी।
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पुलिस मौके पर पहुंची और आननफानन बच्ची को राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बच्ची का ओंठ कटा हुआ है। शुरुआत में उसको सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इलाज के बाद अब उसकी स्थिति ठीक है। वहीं, पुलिस बच्ची को जिंदा दफनाने का प्रयास करने वाली महिलाओं का पता लगाने का प्रयास कर रही है।