पशुपालकों को दिया था प्रलोभन
सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि खुटार पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच भी मामले की जांच में जुटी थी। शनिवार की रात मोहित और उसके गांव के ही साथी श्याम सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने जून में पशुपालकों को दूध की एक डेयरी के कलेक्शन सेंटर के नाम पर प्रलोभन दिया और सभी से 20-20 हजार रुपये लिए।
इसके तहत फर्जी एग्रीमेंट भी तैयार कराए गए और तमाम लोगों से दूध चेक करने की मशीन के नाम पर रुपये ठगने शुरू कर दिए और पूरनपुर में ऑफिस भी खोल लिया, जिससे लोगों पर अच्छा प्रभाव पड़ सके। तमाम लोगों को ठगने के बाद वे लोग भाग गए।
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गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो गत्ते के डिब्बों में मशीन के कवर, दो-दो दूध खरीद रजिस्टर, दो स्टील की डोलची, प्लास्टिक की दूध सैम्पल की शीशी, दूध की मशीन साफ करने के प्लंजर और चार एग्रीमेंट बरामद किए हैं। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
परिचित के बैंक एकाउंट में जमा कराते थे रुपये
दूध का कलेक्शन सेंटर खुलवाने के नाम पर ठगी करने वाले मोहित और श्याम सिंह ने निगोही के गांव धुलिया के अपने परिचित बेबी सिंह को कर्ज दिलाने का झांसा देकर बैंक में खाता खुलवाया था। खाते में जो मोबाइल नंबर लगा था उसका सिम मोहित ने ले लिया था, जिससे जनसेवा केंद्र, यूपीआई आदि से रुपये निकालने में काई समस्या न हो। अभी आरोपियों ने 25-30 लोगों से दूध की डेयरी के नाम पर ठगी की बात कबूली है। पूरनपुर और सेहरामऊ उत्तरी पुलिस भी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।