शाहजहांपुर। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट आशीष वर्मा की अदालत ने करीब 20 साल पुराने मुकदमे में नन्हेलाल और राजेश वर्मा को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने अभियोजन की ओर से पेश साक्ष्यों और परिस्थितियों का समग्र मूल्यांकन करने के बाद माना कि आरोप संदेह से परे साबित नहीं हो सके।
मामला थाना बंडा क्षेत्र के गांव बिरहना बुजुर्ग का है। वादी रामपाल की ओर से आरोप लगाया गया था कि 25 मार्च 2005 की रात होली से एक दिन पहले नन्हेलाल ने घर के बाहर महिलाओं पर टॉर्च की रोशनी डाली। विरोध करने पर वह अपने पिता रघुनंदन और भाइयों सुखदेव व राजेश को लेकर आया।
आरोप था कि सभी ने घर में घुसकर मारपीट की, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया, घरेलू सामान तोड़ा और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आरोपपत्र अदालत भेजा। मुकदमे के दौरान रघुनंदन और सुखदेव की मृत्यु हो गई। अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए नन्हेलाल और राजेश वर्मा को दोषमुक्त कर दिया। संवाद