बंडा। करीब एक माह से इफको केंद्र पर डीएपी उपलब्ध न होने से किसान परेशान हैं। आलू की बोआई जोरों पर है, जबकि गेहूं की बोआई भी शुरू होने वाली है। ऐसे में खाद की किल्लत से किसानों के सामने बोआई का संकट खड़ा हो गया है।
बृहस्पतिवार को इफको केंद्र पर डीएपी का एक ट्रक पहुंचते ही किसानों की लंबी कतार लग गई। शाम तक लाइन लगी रही, लेकिन सीमित किसानों को ही खाद मिल सकी और अधिकांश को खाली हाथ लौटना पड़ा। समितियों पर भी कई दिनों से डीएपी की किल्लत बनी हुई है।
कुर्रियाकलां। जमुनिया दौलतपुर सहकारी समिति पर भी डीएपी और एनपीके के लिए किसानों की भीड़ रही। नगला जाजू के किसान दो दिन तक आधार जमा कर लाइन में खड़े रहे, लेकिन शाम तक कई किसानों को खाद नहीं मिल सकी।
बाबूराम कुशवाहा, विनेश, दान सिंह, कमलेश जाटव, सोनपाल कुशवाहा, वेदराम, राममिलन और केशराम समेत किसानों ने आरोप लगाया कि दूसरे गांवों के किसानों को खाद मिलने के बावजूद उनके गांव के किसानों को वंचित रहना पड़ा।
समिति सचिव सरोज गुप्ता ने बताया कि 300 बोरी डीएपी और 150 बोरी एनपीके का वितरण किया गया। मशीन में स्टॉक न रहने के कारण शेष किसानों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। मिलान के बाद बाकी किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
समितियों पर डीएपी ज्यादा भेजी गई है। हर किसान को एक हेक्टेयर पर पांच बोरी खाद मिल रही है। सभी समितियों पर खाद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
-विकास शर्मा, जिला कृषि अधिकारी