पुवायां (शाहजहांपुर)। खुटार रेंज की बिलंदापुर बीट में एक वनकर्मी ने यूकेलिप्टस के 17 पेड़ बेच दिए। खरीदार पेड़ काटकर लकड़ी भी उठा ले गए। कटान के तीन दिन बाद जानकारी मिली तो डीएफओ आदर्श कुमार, रेंजर डीएस यादव वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। अब लगभग दो लाख रुपये कीमत के पेड़ चोरी से कटवा दिए जाने की जांच शुरू हो गई है।
बिलंदापुर बीट में चड्ढा फार्म मोड़ के पास वन विभाग के यूकेलिप्टस के पेड़ खड़े थे। पेड़ काफी पुराने होने के कारण काफी ज्यादा कीमत के हो गए थे। बताया जाता है कि एक वनकर्मी ने 17 पेड़ बंडा के एक ठेकेदार को बेच दिए। पेड़ दो लाख रुपये में बेचे जाने की चर्चा है। बताया जाता है कि तीन दिन पूर्व ठेकेदार ने रात में पेड़ कटवा लिए और लकड़ी भी गायब करवा दी।
काटे गए पेड़ों की जड़ें भी गायब कराई जानी थी, लेकिन इससे पहले ही मामला डीएफओ और रेंजर के संज्ञान में आ गया। बताया जाता है कि एक अन्य ठेकेदार भी पेड़ खरीदना चाहता था, लेकिन पेड़ दूसरे ठेकेदार को बेच दिए जाने के कारण उसने तमाम जगह सरकारी संपत्ति चोरी से बेचने की शिकायत कर दी।
शुक्रवार को डीएफओ और रेंजर मौके पर पहुंचे तो 17 पेड़ कटे मिले और उनकी लकड़ी गायब थी। पेड़ कटे देख डीएफओ ने वनकर्मियों को कड़ी फटकार लगाते हुए रेंजर को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। डीएफओ ने रेंजर को भी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
लकड़ी को वापस लेकर बचने की कोशिश
जिस ठेकेदार को लकड़ी बेची गई है उसने लकड़ी को ट्रकों में भरवाकर लालकुआं भिजवा दिया है। अब लकड़ी बेचने में लिप्त वनकर्मी लकड़ी के बोटे खरीदकर उसे बरामदगी के रूप में दिखाकर बचने की जुगाड़ में लगा है, लेकिन बरामद की गई लकड़ी की मोटाई आदि काटे गए पेड़ों से नहीं मिलने से वनकर्मी की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।
गंगसरा में वन भूमि से खनन, पेड़ कटान और बिलंदापुर में सागौन के पेड़ कटवाने में फंस चुका है वनकर्मी
पुवायां। यूकेलिप्टस के पेड़ चोरी से बेच देने में जिस वनकर्मी का नाम आ रहा है, वह काफी समय से खुटार रेंज में तैनात है उसने गंगसरा वन चौकी पर तैनाती के दौरान जंगल से मिट्टी खनन करा दिया था। जंगल के अंदर से मिट्टी खनन की शिकायत अधिकारियों से की गई थी, लेकिन बाद में मामले को दबा दिया गया। इसके बाद वनकर्मी ने जंगल से बेशकीमती सागौन के पेड़ कटवा दिए। सूचना पर पुवायां पुलिस ने गांव नत्थापुर जंगल से लकड़ी के कई बोटे बरामद किए थे। इस मामले में वनकर्मी का नाम आया लेकिन एक नेता की मेहरबानी से वह कार्रवाई से फिर बच निकला था।
कुछ माह पूर्व खुटार रेंज की बिलंदापुर बीट में सागौन के कई पेड़ काट डाले गए थे। लकड़ी को डीसीएम में भरवाकर बाहर ले जाया जा रहा था। आसपास के लोगों ने डीसीएम को रोक कर बंडा पुलिस को सूचना देकर लकड़ी बरामद करा दी। सागौन के पेड़ काटे जाने के मामले में भी वही वनकर्मी शामिल था, लेकिन इस बार भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पेड़ काटने का मामला संज्ञान में आया है। मैंने मौके पर जाकर जांच की है। कुछ लकड़ी बरामद कर ली गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। विधिक कार्रवाई की जाएगी। - डीएस यादव, रेंजर खुटार
खुटार रेंज में रोड किनारे पेड़ काटे जाने की सूचना मिली थी। रेंजर के साथ टीम को जांच के लिए मौके पर भेजा गया और मैं खुद मौके पर गया हूं। रिपोर्ट मांगी गई है कि पेड़ सरकारी हैं या प्राइवेट। जांच रिपोर्ट मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - आदर्श कुमार डीएफओ शाहजहांपुर