शाहजहांपुर। विद्युत निगम के ककरा स्थित 33 केवी उपकेंद्र के आनंदपुरम फीडर से जुड़े ट्रांसफॉर्मर में शार्ट सर्किट के कारण उसका इंसुलेटर बुधवार सुबह तेज आवाज के साथ फुंक गया। इस कारण आस-पास के तमाम घरों की बिजली आपूर्ति सुबह से दोपहर तक करीब तीन घंटे प्रभावित रही। उधर, सेहरामऊ दक्षिणी बिजली उपकेंद्र से निकले बादशाहनगर फीडर पर मंगलवार रात आपात कटौती लागू कर दिए जाने से उससे जुड़े करीब 40 गांवों के लोगों को बिना बिजली के रात बितानी पड़ी और दिन में ट्रिपिंग होने से आपूर्ति में व्यवधान रहा।
आनंदपुरम फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को पर्याप्त वोल्टेज की बिजली सुलभ कराने के लिए लोहारों का चौराहा पर 400 केवी क्षमता का ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है। बुधवार को भी सुबह नौ बजे तक फीडर की बिजली आपूर्ति सामान्य बनी रही, लेकिन बाद में अचानक तेज धमाके के साथ ट्रांसफार्मर के इंसुलेटर में आग लग गई। गनीमत रही कि फ्यूज उड़ने से ट्रांसफॉर्मर सुरक्षित रहा, लेकिन उसमें आई खराबी के कारण आनंदपुरम, आजादपुरम, लोहारों का चौराहा आदि क्षेत्रों के करीब चार सौ से ज्यादा घरों की बत्ती गुल हो गई।
जानकारी पाकर क्षेत्र के प्रभारी अवर अभियंता मनीष प्रजापति ने फीडर बंद कराकर लाइन स्टाफ को मौके पर भेजकर खराबी ठीक कराई, लेकिन एक घंटे बाद ट्रांसफॉर्मर चालू होते ही फिर तेज धमाके के साथ उसके फ्यूज उड़ गए। कर्मचारी दिन में 11 बजे तक शार्ट सर्किट की वजह तलाशते रहे। बाद में केबिल कनेक्शन बदलकर दोपहर करीब 12 बजे ट्रांसफॉर्मर चालू किया जा सका। इस दौरान लोगों की दिनचर्या में भी व्यवधान पड़ गया क्योंकि सुबह से बार-बार बत्ती गुल होने के कारण तमाम घरों में पानी की सप्लाई न होने से पेयजल का संकट पैदा हो गया।
उधर, सेहरामऊ दक्षिणी उपकेंद्र के बादशाह नगर फीडर पर रात में आपात कटौती बढ़ जाने से उससे जुड़े सेहरामऊ दक्षिणी समेत चंदगोई, अहमदपुर, मियांपुर, कुतुआपुर, चंपापुर आदि गांवों के लोग बेहद परेशान हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार बादशाहनगर फीडर की लाइन बीती शाम करीब सात बजे बंद हो गई। करीब एक घंटे बाद बिजली आई, लेकिन दो घंटे बाद फिर बत्ती गुल हो गई।
आधी रात के बाद करीब एक बजे बिजली आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन सुबह से लाइन में ट्रिपिंग की समस्या पैदा होने से बार-बार बत्ती गुल होने लगी। उपकेंद्र के सब स्टेशन ऑपरेटर प्रमोद कुमार के अनुसार रात में बिजली कटौती बंद कराने के लिए क्षेत्रीय अवर अभियंता के स्तर से अधिशासी अभियंता (ट्रांसमिशन) से बात की गई है।