उत्तराखंड की लक्सर चीनी मिल से आए गन्ना अधिकारी वसीम अहमद ने कहा कि
जानकारियों का इतना अच्छा संगम जहां स्लाइड प्रेजेंटेशन द्वारा लेक्चर,
प्रक्षेत्र भ्रमण और लैब भ्रमण तीनों हों, हमारे लिए यह प्रशिक्षण बहुत ही
उपयोगी रहा।
ग्राम-मढ़ामाजरा उत्तर प्रदेश के रूप सिंह ने कहा
प्रजातियों की बुवाई की विधियों, संतुलित उर्वरकों का प्रयोग,
बायोफर्टिलाइजर, ट्रेंच विधि से बुवाई, मृदा परीक्षण, कीटों और रोगों से
बचाव सभी विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
समापन के अवसर पर गन्ना
शोध परिषद के निदेशक डा. बीएल शर्मा ने सभी प्रशिक्षणार्थियों का आभार
व्यक्त किया और कहा कि इस प्रशिक्षण की सार्थकता तभी है जब इसका प्रसार
अधिक से अधिक किसानों में हो। वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. केपी पांडेय ने
प्रशिक्षण के बेहतर आयोजन के लिए प्रसार अधिकारी ने सभी का आभार व्यक्त
किया।