इस प्रकार हाईस्कूल और इंटर में कुल 11,828 विद्यार्थी अनुपस्थित हुए,
जिसमें से आधे से कुछ अधिक तो अकेले जलालाबाद तहसील के ही हैं, शेष तीनों
तहसीलों की संख्या यहां से कम है। अर्थात जलालाबाद तहसील में दोनों पालियों
में 5973 और शेष तीनों तहसीलों में 5855 छात्र-छात्राएं गैरहाजिर हुए।
इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का अनुपस्थित होना कहीं न कहीं
फर्जीबाड़ा की ओर ही उंगली उठा रहा है। अनुपस्थित वही विद्यार्थी माने जा
रहे हैं, जो गैर जनपदों के हैं और फर्जी रूप से नामांकित किए गए।
...कहां मयस्सर नहीं चराग शहर के लिए
कहां
तो तय था चराग हरेक घर के लिए, कहां मयस्सर नहीं चराग शहर के लिए।
प्रख्यात शायर का ये शेर बोर्ड परीक्षा के मामले में पुलिस महकमे पर
बिल्कुल सटीक बैठ रहा है। बतादें कि परीक्षा शुरू होने से दो दिन पहले संजय
कुमार सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में मजिस्ट्रेटों और केंद्र
व्यवस्थापकों की बैठक में सुरक्षा मुद्दे पर सभी को विभाग के आला अधिकारी
द्वारा आश्वस्त किया गया था कि वह निर्भीकता से शुचितापूर्ण और नकलविहीन
परीक्षा संपन्न कराएं, उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। परीक्षा के
दो दिन बाद भी पुलिस महकमा केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों को दूर
सचल दलों को भी एक अदद सिपाही नहीं जुटा सका। जबकि प्रत्येक सचल दस्ते में
राइफलधारी दो-दो पुलिसकर्मी हमेशा ही रहते आए हैं, लेकिन इसके बाद बिना
सुरक्षा व्यवस्था के सचल दल गश्त पर निकलते हैं। असुरक्षा की भावना डीआईओएस
कमलाकर पांडेय ने भी महसूस की है।