घने
कोहरे में सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों की फॉग लाइटें भी ज्यादा काम नहीं
आईं तो रफ्तार घटानी पड़ी। रोडवेज की तमाम बसें देर से छूटीं और वापसी में
देरी से कई बसों के दूसरे चक्कर कैंसिल हो गए।
उधर, ट्रेनों का संचालन भी
काफी धीमा पड़ गया। रविवार को रात दस बजे से लेकर सुबह 11.40 बजे तक रेलवे
ट्रैक पर विजुअलिटी 50 मीटर से भी कम रही। इस दौरान 106 ट्रेनें व
मालगाड़ियां होम सिगनल से पहले पटाखा दागकर चलाई गईं। अप व डाउन श्रेणी की
तमाम ट्रेनें यहां एक से पांच घंटे तक लेट पहुंची।
इस कारण यात्रियों को
प्लेटफार्मों पर ठिठुरना पड़ा। गाड़ियों की लोकेशन जानने के लिए इन्क्वायरी
काउंटर पर भीड़ लगी रही।