ददरौल की ग्राम पंचायत बरेंग में सामुदायिक शौचालय का निर्माण अधूरा है।
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ददरौल। विकास खंड की ग्राम पंचायत बरेंग में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वीकृत सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य पूरा कराए बगैर पूर्व ग्राम प्रधान और तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से 4.97 लाख रुपये निकाल लिए गए। ग्रामीणों की शिकायत पर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने उस वक्त बरेंग में तैनात रहे पंचायत सचिव से जवाब तलब कर शौचालय का निर्माण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
दो वर्ष पहले बरेंग में सामुदायिक शौचालय बनाने के लिए शासन ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत 4.99 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया था। तब से शौचालय का ढांचा बना खड़ा है, लेकिन उसका उपयोग संभव नहीं हो रहा है। शौचालय में टैंक, सीट, पानी को पाइप फिटिंग, रंगाई-पुताई व टॉयल का काम नहीं कराया गया। फिर भी कागजों में शौचालय पूर्ण निर्मित होना दर्शाकर ग्राम निधि के संयुक्त खाते से 4.97 लाख रुपये निकाल लिए गए।
ग्राम प्रधान संजीत कुमार वर्मा के अनुसार जब यह सामुदायिक शौचालय बनाया गया, उस वक्त तत्कालीन ग्राम प्रधान राजेश्वरी देवी के पुत्र जसवंत वर्मा निर्माण कार्य की स्वयं देखरेख कर रहे थे। बाद में पूर्व प्रधान और पंचायत सचिव ने शौचालय का निर्माण अधूरा होने पर भी उसे कागजों में पूर्ण निर्मित दर्शाकर संयुक्त हस्ताक्षर से 4.97 का भुगतान करा लिया। अब चूंकि बजट में सिर्फ दो हजार रुपये की धनराशि शेष बची है, इसलिए शौचालय के अधूरे काम कराना कठिन हो रहा है।
यह प्रकरण मेरे संज्ञान में बरेंग के ग्रामीणों द्वारा लाया जा चुका है। स्थलीय निरीक्षण के बाद तत्कालीन पंचायत सचिव सर्वेश कुमार को पत्र जारी कर जवाब मांगा गया है कि बजट की पूरी धनराशि खर्च होने के बावजूद कई अहम कार्य क्यों नहीं कराए गए। साथ ही उन्हें सामुदायिक शौचालय के शेष कार्य अपने स्तर से जल्द पूरे कराकर उसे उपयोग लायक बनाने के निर्देश दिए हैं।
-अरविंद शर्मा, एडीओ (पंचायत), ददरौल