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शिक्षा में गुणवत्ता आज की अहम् चुनौती

Sun, 22 Mar 2015 11:07 PM IST
शाहजहांपुर।
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मुशाहिद हुसैन ने कहा कि शिक्षण संस्थाएं इस समय प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजर रही हैं, शिक्षा की गुणवत्ता सबसे अहम् चुनौती है, इस चुनौती को दूर करने के लिए शिक्षकों और प्रबंधतंत्र को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभानी होगी।
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कुलपति रविवार को एसएस कॉलेज में आयोजित विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों और नैक प्रभारियों को संबोधित कर रहे थे। एक दिवसीय सेमिनार में उन्होंने कहा कि शिक्षा में आज सबसे बड़ी समस्या उसकी गुणात्मकता है। प्रोफेसर हुसैन ने कहा कि विश्व के टॉप दो सौ विश्वविद्यालयों में से भारत का एक भी शामिल नहीं होना भले ही बहस का विषय हो, लेकिन उच्च शिक्षा में आ रही निरंतर गिरावट चिंता का विषय जरूर है। हमारे अनुसंधानों को विश्व में कहीं भी जगह नहीं मिल रही है और न ही उसका लाभ आम आदमी तक पहुंच रहा है। इस स्थिति में यूजीसी और सरकार दोनों का चिंतित होना स्वाभाविक है। इसलिए यूजीसी द्वारा कराए जा रहे नैक का उद्देश्य शिक्षण संस्थाओं में शिक्षा का वातावरण तैयार करना ही है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर बीआर कुकरेती, सेमिनार के संयोजक प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र, प्राचार्य डॉ. रानी त्रिपाठी, प्राचार्य डॉ. अकील अहमद, प्राचार्य डॉ. संजय वरनवाल, डॉ. एसपी यादव, डॉ. अब्दुल वहाब, डॉ. मीना शर्मा, डॉ. प्रभात शुक्ला आदि ने भी विचार रखे।  
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डॉ. दीपक मिश्रा के संचालन में हुए सेमिनार में आईक्यूएसी के समन्वयक डॉ. अनुराग अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. बीएन सिंह, डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. केके सिंह, डॉ. निर्भय शर्मा, डॉ. अमित गंगवार, डॉ. रंजना खंडेलवाल, डॉ. पंकज शुक्ला, डॉ. मो. साजिद, डॉ. अजीजुर्रहमान खान, डॉ. एसके सिंह समेत बड़ी संख्या में विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षक मौजूद रहे।
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