छह सूत्री मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार और हड़ताल पर डटे जिले के लेखपालों ने सोमवार को 13वें दिन भी राजकाज छोड़कर खिरनीबाग के जीआईसी ग्राउंड पर धरना दिया। बाद में उन्होंने शहीद उद्यान से कलक्ट्रेट तक कैंडल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने मांगों के औचित्य पर प्रकाश डालते हुए सरकार के अड़ियल रवैये की निंदा की।
धरना स्थल पर जिले की विभिन्न तहसीलों से आए लेखपालों की सभा को संबोधित करते हुए लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सर्वेश मिश्रा ने कहा कि कार्य बहिष्कार करते 13 दिन बीत गए, लेकिन सरकार को न तो लेेखपालों के हितों की परवाह है और न ही उन लोगों की, जो विभिन्न कामों को लेकर तहसीलों में जाने के बाद निराश लौट रहे हैं। पूर्व जिला मंत्री मनोज सक्सेना ने कहा कि सरकार के आश्वासनों से भरोसा उठ चुका है, इसलिए मांगों पर शासनादेश जारी होने तक हड़ताल जारी रखी जाएगी।
धरना सभा के बाद लेखपाल जीआईसी ग्र्राउंड से उठकर टाउनहाल के शहीद उद्यान पहुंचे और वहां से सदर बाजार चौराहा होते हुए कलक्ट्रेट तक कैंडिल मार्च किया। सभा और कैंडिल मार्च में डॉ. इंदु भूषण पांडेय, विवेक चतुर्वेदी, दिलीप श्रीवास्तव, महेश चंद्र सक्सेना, उमेश प्रताप सिंह, सौरभ मिश्रा, शिव सिंह कुशवाहा, देवेंद्र कुमार, अजीत प्रताप सिंह, राजाराम, विवेक त्रिवेदी, अवधेश वाजपेयी, राममूर्ति चंचल, हरि प्रसाद आदि शामिल रहे।