नगर में चल रहे केरोसिन आयल के काले कारोबार पर अंकुश लगना अब मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा लगने लगा है। केरोसिन से नकली डीजल बनाने का धंधा लाख कोशिशों के बावजूद नहीं रुक पा रहा है। दूसरी ओर प्रशासनमें इस ध्ंाधे से जुड़े लोगों की गहरी पैठ के चलते नगर क्षेत्र के डेढ़ दर्जन कोटेदारों को तिलहर के डिपो से हटाकर शाहजहांपुर के नेशनल पेट्रोलियम डिपो से संबद्ध कर दिया गया है। निगोही क्षेत्र के लगभग इतने ही कोटेदाराेें को तिलहर से संबद्ध किया गया है।
सूत्रों का कहना है कि तिलहर मेें नकली डीजल के कारोबार के खिलाफ चले रहे अभियान के चलते तेल माफियाओं को सुरक्षित रखने के लिहाज से यह परिवर्तन किया गया है। नगर क्षेत्र के आदेश कुमार, प्रदीप अग्रवाल, मनोज, रंजन यादव, सत्तार खां, विनोद गुप्ता, रवि खन्ना, सुशील अग्रवाल, नुसरत अली, लालाराम, रमेशचंद्र आदि काटेदारों को तिलहर से बीस किलोमीटर दूर शाहजहांपुर डिपो से संबद्ध किया गया है जबकि यहां दो तेल डिपो नगर सीमा में ही हैं। कस्बा क्षेत्र के 39 हजार लीटर केरोसिन प्रति माह उठाने वाले कोटेदारों को शाहजहांपुर डिपो से संबद्ध करने के लिए निगोही के 39 हजार लीटर तेल लेने वाले कोटेदारों को यहां के डिपो से संबद्ध किया गया है। इधर, लगभग बीस दिन बाद भी नकली डीजल बरामदगी के मामले में डीएम कार्यालय से एफआईआर की अनुमति नहीं मिल सकी है।