यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का इस बार ऊपर वाला ही मालिक है। मूल्यांकन तिथि घोषित होने के बाद से अब तक एक सप्ताह बीत चुका है। पहले तीन-चार दिन बहिष्कार में ही निकल गए और उसके बाद मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया। यानी बस शुरू ही हो गया। वित्तविहीन कॉलेजों के शिक्षक अभी भी बहिष्कार पर डटे हैं और प्रदेश के सभी जिलों में इन्हीं शिक्षकों की संख्या सर्वाधिक है। राजकीय और सहायता प्राप्त शिक्षक संख्या में हैं ही कितने, जो मूल्यांकन को अंतिम पायदान तक पहुंचा सकें। जिस दुर्गति से मूल्यांकन हो रहा है, उसे देखकर नहीं लगता की दो-चार महीनों में यह काम पूरा हो पाएगा।
बता दें कि इस बार इंटर की लगभग साढ़े तीन लाख (गत वर्षों से दो गुनी)और हाई स्कूल की करीब दो लाख उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए भेजी गई हैं। यानी लगभग साढ़े पांच लाख कापियाें के सापेक्ष एक सप्ताह में बमुश्किल 38 कापियां ही जांची जा सकी हैं। जबकि इतना ही समय शेष रह गया है। वित्तविहीन शिक्षकों की मांग मानदेय दिलाने की है, जिसका सपा सरकार ने वादा भी किया था। यह भी निश्चित है कि जब तक वित्तविहीन शिक्षक सहयोग नहीं करेंगे, तब तक मूल्यांकन जैसा काम पूरा नहीं हो सकता। आखिर जो विकल्प हैं, उनके लिए बोर्ड या शासन कितने दिन मूल्यांकन के और बढ़ाएगा।
राजकीय इंटर कॉलेज के सह उपनियंत्रक प्रेम शंकर के अनुसार उनके यहां 886 परीक्षकों के सापेक्ष मात्र 253 परीक्षक ही काम पर आए हैं। केंद्र पर कहने को 56 टोेेेेेेेेलियां बन चुकी हैं, लेकिन किसी भी टोली में पूर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। एक शिक्षक बमुश्किल 20-25 कापियां ही जांच पा रहा है। इस केंद्र पर अब तक कुल 18 हजार कापियां ही मूल्यांकित हो सकी हैं। इसी तरह एबी रिच इंटर कॉलेज में हाई स्कूल की कुल 9500 कापियां ही चेक हुई हैं। रविवार की बात करें तो बकौल उप नियंत्रक आरपी राम 15 टोलियों में बंटे 116 शिक्षकों ने 3743 कापियां चेक कीं, जबकि उन्हें 330 परीक्षकों की जरूरत है। इस्लामिया इंटर कॉलेज के उप नियंत्रक आरिफ अली खां ने बताया कि उनके केंद्र पर 28 टोलियाें ने काम किया, जिसमें 165 शिक्षक ही शामिल हो सके। रविवार को 5266 कापियां चेक हुईं, यानी अब तक उनके यहां 10675 उत्तर पुस्तिकाएं ही जांची जा सकी हैं। मूल्यांकन कब तक पूरा होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
आंदोलनकारियों ने जीआईसी में बनाया ठिकाना
मूल्यांकन का बहिष्कार कर रहे वित्तविहीन शिक्षक जीआईसी में धरना दे रहे हैं। सुबह एबी रिच, इस्लामिया और जीआईसी में प्रदर्शन करने के बाद सभी शिक्षक जीआईसी में दरियां बिछा लेते हैं और काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताते हैं। कार्यवाहक अध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव, बृजेश मिश्रा, राजेश आनंद, पंकज मिश्रा, विपिन कुमार, असलम खां, पवन यादव, अभिषेक पांडेय, हृदय मोहन, सुशील सक्सेना, अखिलेश त्रिवेदी, रामानुजम वाजपेयी, देवशरण मिश्र, वाजिद अली आदि शिक्षकों ने तीनाें केंद्रों पर प्रदर्शन किया।