शाहजहांपुर। 2017 के बाद इस बार भी तिलहर विधानसभा सीट भाजपा-सपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई साबित होगी। सीट पर लगातार तीन बार विधायक रहे रोशनलाल वर्मा की खुली चुनौती का सामना करने के लिए भाजपा ने भी कमर कस ली है। भाजपा चार-पांच आवेदनों में सबसे मजबूत प्रत्याशी पर विचार कर रही है। वहीं रोशनलाल ने सपा से चुनाव लड़ने के लिए तैयारी शुरू करते हुए हर हाल में सीट जीतने की हुंकार भरी है।
रोशनलाल वर्मा एक बार निगोही और दो बार तिलहर सीट से लगातार जीत हासिल कर चुके हैं। दो बार बसपा से विधायक बनने वाले रोशनलाल वर्मा ने 2017 के पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा का दामन थामा था। इस सीट पर कांग्रेस और सपा के संयुक्त प्रत्याशी जितिन प्रसाद उनके सामने थे। जितिन का कद देखते हुए रोशनलाल वर्मा के लिए मुकाबला काफी कठिन माना जा रहा था।
जितिन के पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने के कारण तिलहर की सीट प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई थी। सीट के रिजल्ट पर सभी की निगाहें थीं, मगर तमाम कयासों को धता बताते हुए रोशनलाल ने 5,715 वोटों से जितिन को हरा दिया था। एक बार फिर से इस सीट पर भाजपाइयों की निगाह तिलहर सीट पर जम गई है। तब के भाजपा के हीरो रोशनलाल अब पार्टी के लिए राह का कांटा बन गए हैं।
वह लगातार कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को चुनौती दे रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि रोशनलाल वर्मा को हराने में भाजपा कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखेगी। तिलहर से भाजपा के पास पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह यादव, अरुण यादव चैनू, डॉ. सुधीर गुप्ता, झब्बू सिंह यादव, संजीव राठौर आदि के टिकट के लिए आवेदन अभी तक आ चुके हैं।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के काफी करीबी माने जाते हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि रोशनलाल वर्मा के सपा में आने के बाद तिलहर से टिकट मांग रहे कई दावेदार अब भाजपा के संपर्क में आ चुके हैं। भाजपा इन पर भी विचार कर रही है। तय माना जा रहा है कि तिलहर सीट विधानसभा चुनाव का हॉट स्पॉट बनेगी। (संवाद)
दूसरे दिन भी हमलावर रहे रोशनलाल वर्मा
रोशनलाल वर्मा ने बुधवार को निगोही स्थित आवास पर अपने समर्थकों से मुलाकात की। इसके बाद वह सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। वह लगातार भाजपा पर आक्रामक रहे। उन्होंने कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को तिलहर सीट से लड़ने की चुनौती दी। रोशनलाल वर्मा ने कहा कि लगातार पांच सालों तक उनकी पार्टी ने उपेक्षा की।
डैमेज कंट्रोल में लगी भाजपा
रोशनलाल वर्मा भाजपा में लोध बिरादरी का बड़ा चेहरा थे। उनके जाने के बाद इस बिरादरी का वोट जोड़े रखना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। हालांकि भाजपा जिलाध्यक्ष हरिप्रकाश वर्मा भी इसी बिरादरी से आते हैं। इसके बावजूद तिलहर के अलावा अन्य सीटों पर भी इस बिरादरी के वोट पाने के लिए नए चेहरे की तलाश में है। जिले की कई सीटों पर लोध बिरादरी के वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं। लोध बिरादरी का बड़ा चेहरा माने जाने वाले राममूर्ति सिंह वर्मा के निधन के बाद उनके बेटे राजेश वर्मा और बसपा सरकार में मंत्री रहे अवधेश वर्मा पहले से ही सपा में हैं। ऐसे में लोध बिरादरी के वोट पाने के लिए भाजपा को नए सिरे से जद्दोजहद करने की जरूरत है।
टिकट घोषित होने का इंतजार कर रहे प्रत्याशी-समर्थक
विधायक रोशनलाल वर्मा के भाजपा छोड़ने के बाद सीट पर कई दावेदार उभरकर सामने आ रहे हैं। लोगों के आवेदन पर पार्टी नेतृत्व विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि मकर संक्रांति के बाद तिलहर समेत सभी सीटों पर भाजपा अपने प्रत्याशी घोषित कर देगी। मंगलवार को लखनऊ में हुई पार्टी नेतृत्व की बैठक में समाजवादी पार्टी के अधिकांश सीटों पर प्रत्याशी तय कर दिए हैं। समर्थक आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
माना जा रहा है कि फिलहाल कटरा सीट से राजेश यादव और नगर विधानसभा से सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां के टिकट पर पार्टी नेतृत्व की मुहर लग चुकी है। तिलहर में सपा से रोशनलाल वर्मा का टिकट भी फाइनल माना जा रहा है। सपा जिलाध्यक्ष ने अपना टिकट फाइनल होने पर हामी भरी है। हालांकि अभी पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। भाजपा और सपा मकर संक्रांति के तत्काल बाद टिकट घोषित कर देंगे।
भाजपा जिलाध्यक्ष हरिप्रकाश वर्मा ने बताया कि टिकट निर्धारित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। संभवतया दो दिन में आधिकारिक घोषणा हो जाएगी।
साइकिल की सवारी कर सकते हैं एक और भाजपा नेता
जलालाबाद। मंगलवार को स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ विधायक रोशनलाल ने भाजपा छोड़ दी थी। इस घटनाक्रम के बाद जलालाबाद विधानसभा सीट पर भी हलचल बढ़ गई है। यहां से एक भाजपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या के काफी करीबी माने जाते हैं। तमाम कोशिशों के बाद भी भाजपा से टिकट की हरी झंडी न मिलने से अब नए घर की तलाश में हैं। बताया जा रहा है कि 14 जनवरी को वह सपा में शामिल होने जा रहे हैं।
कई दिनों से लखनऊ में डटे भाजपा के यह नेता मंगलवार शाम जलालाबाद स्थित अपने आवास पर लौट आए। यहां पर उन्होंने अपने समर्थकों और शुभचिंतकों से मुलाकात की। उनके आवास पर बुधवार सुबह से लेकर देर रात तक लोगों का जमावड़ा बना रहा। बताते हैं कि नई पार्टी में जाने से पहले रायशुमारी के बहाने उन सभी को विश्वास में लिया गया। लखनऊ में नई पार्टी ज्वाइन करने वह बड़ी तादाद में समर्थकों के साथ पहुंचेंगे। इससे विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में परिवर्तन आना तय माना जा रहा है। संवाद