पुवायां। पुर्तगाल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन युवकों से लाखों की ठगी कर पहले दुबई और वहां से अजरबैजान भेज दिया गया। अजरबैजान में वीजा अवधि समाप्त होने पर युवकों को जुर्माना भरना पड़ा और वे किसी तरह घर लौट सके। एक साल बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं किए जाने पर पीड़ितों ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है।
बंडा के गांव धीमरपुरा निवासी गुरजीत सिंह के अनुसार एक व्यक्ति से उनके भाई की जान-पहचान थी। दो वर्ष पूर्व भाई के परिचित ने उनसे कहा कि वह लोगों को नौकरी के लिए विदेश भेजता है। अगर वह नौकरी के लिए जाना चाहे तो पुर्तगाल में नौकरी लगवा सकता है। पुर्तगाल जाने के लिए उसे आठ लाख रुपये का खर्चा बताया गया।
वह पुर्तगाल जाने के लिए तैयार हाे गया और आरोपी को 70 हजार रुपये नकद और 3.60 लाख रुपये चार बैंक खातों में भेज दिए। इसके बाद आरोपी काफी समय तक टालमटोल करता रहा।
गुरजीत सिंह की तरह ही बंडा के गांव लुकमानपुर बहेड़ा के हरजिंदर सिंह और खुटार के गांव मलकूपुर निवासी सुखवीर सिंह को भी पुर्तगाल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगा गया है। दोनों से नौ-नौ लाख रुपये तय किए गए। दोनों से तीन-तीन लाख रुपये लेने के बाद मई 2024 में गुरजीत सिंह, हरजिंदर और सुखवीर को एक साथ दुबई भेज दिया गया।
दुबई में 15 दिन रोकने के बाद वहां से अजरबैजान भेज दिया गया। अजरबैजान में एक माह तक रुकने के बाद भी पुर्तगाल नहीं भेजा गया। इस दौरान तीनों युवकों की वीजा अवधि भी समाप्त हो गई तो अजरबैजान सरकार ने तीनों से 60-60 हजार रुपये भी वसूला। घर से रुपये मंगाने के बाद जुर्माना भरा गया और किसी तरह तीनों युवक वापस घर पहुंचे।
आरोपी ने उनको आश्वासन दिया था कि जल्द ही फिर पुर्तगाल भेज दिया जाएगा, लेकिन बाद में आरोपी ने उन्हें विदेश नहीं भिजवाया और रुपये भी वापस नहीं किए। अब रुपये मांगने पर गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस को कई बार तहरीर दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। ऐसे में पीड़ित गुरजीत सिंह ने मुख्यमंत्री से ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराने और आरोपियों को जेल भिजवाने की मांग की है।
चार अन्य युवकों से भी की गई थी ठगी
गुरजीत सिंह आदि से ठगी करने वालों ने चार अन्य लोगों से भी ठगी की थी। इस मामले में बंडा थाने में गांव चिल्हौटा के आशीष मिश्रा ने छह मार्च को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार बंडा के ही गांव गहलुइया के एक व्यक्ति ने अजरबैजान में नौकरी दिलाने के नाम पर आशीष से 1.54 लाख रुपये लिए और 96 हजार रुपये डॉलर में बदलने के नाम पर लिए गए। इसके अलावा आरिफ रजा से 70 हजार रुपये, अरुण कुमार से ढाई लाख रुपये और डॉलर में बदलने के लिए 85 हजार रुपये लिए गए। आठ जुलाई को तीनों लोग आरोपियों के बुलावे पर दुबई पहुंचे और वहां 15 दिन रुके, लेकिन आरोपियों ने अजरबैजान का वीजा नहीं दिया। परेशान होकर वे लोग दुबई से घर लौट आए। रिपोर्ट दर्ज होने के चार माह बाद भी आरोपी जेल नहीं भेजे गए हैं।
पीड़ित एसपी ग्रामीण से मिले थे, उनकी ओर से कार्रवाई के निर्देश मिले हैं। पीड़ितों को बुलाया गया है। ठगी की जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी। बंडा में मार्च में दर्ज रिपोर्ट के मुख्य आरोपी के बारे में पता किया गया, वह विदेश में है। अन्य की तलाश की जा रही है।
- प्रवीण मलिक, सीओ पुवायां