तिलहर। लॉकडाउन के बावजूद महाराष्ट्र, दिल्ली आदि स्थानों से लोगों के आने का सिलसिला जारी है। महाराष्ट्र के नासिक से आए कपड़ा व्यापारी और दिल्ली के सीलमपुर से आए दो युवकों को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। इसके अलावा अन्य जनपदों से आए 10 लोगों की स्क्रीनिंग कर उन्हें घरों में ही क्वारंटीन कर दिया गया है।
बुधवार को महाराष्ट्र के नासिक से आए कपड़ा व्यापारी सहित दिल्ली के सीलमपुर में सिलाई का काम करने वाले दो युवकों की सीएचसी पर स्क्रीनिंग के बाद तीनों को एंबुलेंस से जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। नासिक से आए युवक ने बताया कि वह नासिक में कपड़े की दुकान चलाता था लेकिन नासिक हॉटस्पॉट बनने से सारा कारोबार ठप हो गया है। रोजी-रोटी पर संकट आया तो वह तीन दिन पहले नासिक से पैदल ही चल दिया। लिफ्ट लेते हुए वह बुधवार सुबह तिलहर पहुंचा। उसने बताया कि यहां के बहुत सारे लोग अभी वहां फंसे हुए हैं।
ऐसे ही दिल्ली के सीलमपुर में सिलाई का काम करने वाले दो युवक भी काम बंद होने के चलते बुधवार को यहां पहुंचे। यह कार वे लोग नौ हजार रुपये में किराए पर करके लाए थे। सीएचसी प्रभारी डॉ. कमरुज्जमा ने बताया कि इनके अतिरिक्त रामपुर, मिलक, हरिद्वार आदि स्थानों से 10 लोग अन्य यहां पहुंचे हैं। सभी जांच में ठीक पाए गए हैं। उनको घरों पर ही क्वारंटीन कर दिया गया है।
बाहर से आए छह को जांच के लिए भेजा जिला अस्पताल
जैतीपुर। लॉकडाउन के बावजूद दिल्ली, राजस्थान व अन्य प्रदेशों से आने वालों का सिलसिला अभी नहीं थमा है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों पर नजर रखे हुए है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लईक अहमद अंसारी ने बताया कि बुधवार को दूसरे राज्यों से आने वाले छह लोगों को जांच के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। अन्य राज्यों से आए हुए 18 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। रेफर किए गए व्यक्तियों में एक व्यक्ति चंडीगढ़ से आया है। तीन अलवर, राजस्थान और दो फरीदाबाद, हरियाणा से आए हैं। किसी में कोरोना के लक्षण नहीं पाए मिले हैं।