कांट। सावन में जलाभिषेक के लिए निकल रहे कांवड़ियों को बलीपुर गांव के पास चार युवकों ने रोककर उनसे डीजे की अनुमति के कागजात देखाने के बहाने रकम वसूलने की कोशिश की। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में नामजद किए गए आरोपियाें में जलालाबाद नगरपालिका की एक सभासद के पति आकाश गुप्ता की पुलिस को तलाश है।
बलीपुर निवासी संतोष दीक्षित ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि बुधवार को कांवड़ यात्रा के दौरान फर्जी तरीके से डीजे की अनुमति जांचने के बहाने गांव के पास चार युवकों ने कांवड़ियों को रोकना शुरू कर दिया। अनुमति न होने पर वह 500 रुपये की रसीद काटने की कोशिश करने लगे। आरोपियों के गले में आईकार्ड लटका था और वे खुद को सरकारी कर्मचारी बता रहे थे।
कांवड़ियों और स्थानीय ग्रामीणों ने जब उनसे आईकार्ड और उनके विभाग के बारे में पूछा, तो वे सही से जवाब नहीं दे पाए। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर जाकर तीन आरोपियों को पकड़ लिया और उन्हें थाने ले जाकर पूछताछ की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जलालाबाद निवासी लखन, बादल गोस्वामी, ऋषभ और आकाश गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश सिंह ने बताया कि लखन, बादल और ऋषभ को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी आकाश की तलाश की जा रही है।
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सभासद के पति ने आरोप को बताया निराधार
जलालाबाद। गांधी नगर वार्ड की सभासद मोनिका गुप्ता के पति आकाश गुप्ता ने कांवड़ियों से अवैध वसूली किए जाने के आरोप को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वह कलाकार वेलफेयर ट्रस्ट की नगर इकाई के उपाध्यक्ष हैं। वह कांवड़ यात्रा के दौरान कलाकारों की ट्राॅलियां रोककर उन्हें धर्म विरोधी कार्यों से बचने के बारे में समझा रहे थे। इसी दौरान कुछ गांववालों ने उन्हें घेर लिया और कांवड़ियों से अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए पुलिस बुला ली। संवाद