तिलहर (शाहजहांपुर)। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर ओवरटेक करते समय टैंकर से इको वैन में टक्कर लग गई। टक्कर के बाद अनियंत्रित हुई इको वैन बरातियों की बस से टकरा गई। हादसे में इको वैन में सवार हरदोई जिले के थाना पिहानी के गांव राभा निवासी 40 वर्षीय अर्जुन व इसी थाना क्षेत्र के गांव नासिक खेड़ा निवासी 55 वर्षीय रामसेवक की मौत हो गई। हादसे में चार लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद हाईवे पर करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा।
राभा गांव से बुधवार की रात उपदेश के बेटे विपिन की बरात तिलहर के गांव मौजमपुर में आई थी। गांव के नजदीक ही सड़क किनारे बरात की बस रुकने पर बराती डीजे पर डांस कर रहे थे। रात करीब साढ़े दस बजे बरातियों को लेकर एक इको वैन भी पहुंची। तभी पीछे से आ रहे एक टैंकर ने ओवरटेक करने का प्रयास किया।
टैंकर से इको वैन में टक्कर लग गई। टक्कर लगने से चालक नियंत्रण खो बैठा और वैन बस से जा भिड़ी। बस हाईवे किनारे खाई में उतर गई। हादसे में इको वैन में सवार अर्जुन की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि वैन में सवार रामसेवक, सहादतनगर निवासी बबलू, राभा गांव के महादेव, अनुराग और सुशांत घायल हो गए।
पुलिस ने सभी घायलों को तुरंत ही राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा। यहां रामसेवक ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे से परिवार में कोहराम मचा है। सीओ इशिका सिंह ने बताया कि तहरीर आने पर मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के बाद लगा लंबा जाम
हादसे के बाद बरात में शामिल लोग घायलों को बचाने के लिए दौड़ पड़े। दुर्घटना के चलते हाईवे पर शाहजहांपुर से बरेली जाने वाले मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त इको वैन, बस और टैंकर को कब्जे में लेकर यातायात सुचारु कराया। इस बीच करीब एक घंटे तक एक लेन पर यातायात बंद रहा। संवाद
गमी में शामिल होने के बाद बरात में आए थे रामसेवक
रामसेवक दिल्ली में रहकर सिलाई का काम करते थे। पुवायां में रहने वाले उनके रिश्तेदार का निधन होने पर बुधवार को वह लौटे थे। उसके बाद अंतिम संस्कार में शामिल हुए। रामसेवक के पुत्र सचिन के अनुसार, गमी से आने के बाद बरात में शामिल होने के लिए इको वैन में सवार हो गए थे।
दिल्ली में सिलाई करते थे अर्जुन
अर्जुन दिल्ली में सिलाई का काम करते थे। अर्जुन और विपिन की काफी अच्छी दोस्ती थी। इसके चलते वह अपने दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए दिल्ली से आए थे। भाई हरीश चंद्र ने बताया कि गांव से इको वैन में सवार होकर निकले थे। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में मातम छा गया। मृतक रामसेवक की पत्नी रामदेवी, पुत्र सचिन व पुत्रियां बबीता, बबली और रूपरेखा बिलख पड़ीं। अर्जुन के परिवार में पत्नी गोरा देवी, पुत्र आकाश और जीतू व पुत्रियां उमा और उर्वशी हैं।
रामसेवक का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
रामसेवक का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन