शाहजहांपुर। सिंधौली थाना क्षेत्र में पति की हत्या के मामले में अदालत ने शुक्रवार को पत्नी समेत तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। महिला ने अपने दो प्रेमियों अरुण और धीरज के साथ मिलकर पति की हत्या की थी।
सिंधौली थाना क्षेत्र के सुहेली गांव निवासी रामकिशन ने अपने भाई बबलू उर्फ रामसरन (40) की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एक मई 2021 की सुबह उसका शव खेत पर पड़ा मिला था। अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
पुलिस की जांच में सामने आया कि बबलू की पत्नी गुड्डी के सुहेली गांव निवासी अरुण और लखीमपुर जिले के थाना पसगवां क्षेत्र के गांव मुल्लापुर निवासी धीरज से नजदीकी संबंध थे। पत्नी के संबंधों की जानकारी बबलू को हो गई थी और वह इसका विरोध करता था। इसी वजह से पत्नी ने दोनों प्रेमियों के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
योजना के तहत 30 अप्रैल की रात पत्नी अपने पति बबलू को खेत पर ले गई। वहां अरुण और धीरज की मदद से उस पर डंडे से हमला किया गया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद पत्नी घर लौट आई। पुलिस ने मामले की जांच के बाद गुड्डी समेत तीनों लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पूछताछ में पत्नी ने अरुण और धीरज के साथ संबंध होने और पति की हत्या की योजना में शामिल होने की बात स्वीकार की थी। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश अतीकउद्दीन ने गुड्डी, अरुण और धीरज को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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हत्या के बाद चाय लेकर खेत पहुंची पत्नी
रात में पति की सुनियोजित हत्या कराने के बाद गुड्डी घटना से बेखबर होने का नाटक करती रही। पुलिस के मुताबिक, पति की हत्या की साजिश पहले ही रची जा चुकी थी। दोनों प्रेमियों की मदद से पति की हत्या कराने के बाद पत्नी ने खुद को बेखबर दिखाने के लिए सुबह करीब छह बजे चाय लेकर खेत पर जाने का नाटक किया। वहां पहुंचकर उसने ग्रामीणों को पति की हत्या होने की जानकारी दी, ताकि किसी को उस पर शक न हो। पुलिस की जांच में पत्नी की भूमिका सामने आने के बाद उससे पूछताछ की गई, जिसमें पूरी साजिश का खुलासा हुआ।