क्षेत्र के गांव भुडिया में मंगलवार दोपहर अचानक आग लगने से लगभग तीन सौ बीघा खेत में पकी खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया।
रामगंगा नदी के पास स्थित भुड़िया गांव के रकबे में गेहूं के खेतों में मंगलवार दोपहर अचानक आग की तेज लपटें उठने लगीं। आसपास खेतों में कटाई कर रहे लोगों ने जब आग का रौद्र रूप देखा तो उन लोगों ने आग बुझाने के इंतजाम करने के साथ ही गांव के लोगों को सूचना दी। पड़ोसी जिला फर्रुखाबाद में दमकल यूनिट को आगजनी की जानकारी दी गई और पंपिंग सेट के जरिए आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई। इस आगजनी में बझेड़ा निवासी लालू का तीस बीघा राघवेंद्र का छह बीघा, भुड़िया गांव निवासी गजेंद्र सिंह का 25 बीघा, पांडे का छह बीघा, जगदीश का 40 बीघा, संतराम और मुन्ना का आठ-आठ बीघा, पप्पू, सतीश, ओमप्रकाश का तीस बीघा, होरीलाल, रामदेव का बीस बीघा, मुन्नू सिंह का छह बीघा, डबरी निवासी कमलेश का सात बीघा, लालाराम, तुलाराम का दस-दस बीघा, कामता का चार बीघा खेतों में पका खड़ा गेहूं जलकर राख हो गया। इसके अलावा लगभग आधा दर्जन और ग्रामीणों की 50 बीघा से ज्यादा गेहूं की फसल जल गई है। ग्रामीणों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सैकड़ों बीघा गेहूं जलकर राख हो चुका था। आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है। घटना की जानकारी तहसीलदार को दी गई।