शाहजहांपुर। ग्रामीण को गोली मारने के मुकदमे में दो सगे भाइयों समेत तीन दोषियों को अदालत ने दस-दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
जलालाबाद थाना क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि पांच नवंबर 2012 को दिन में करीब तीन बजे वह अपने खेत से घर आ रहा था। उसका भतीजा उसके साथ था। तभी रास्ते में घात लगाए बैठे अरविंद, उसके भाई सतीश के अलावा देवदत्त और हरिनंदन सामने आ गए। उन लोगों ने कहा कि वे भतीजे को जान से मार डालेंगे।
सतीश, देवदत्त और हरिनंदन ने भतीजे को पकड़ लिया। अरविंद ने तमंचे से गोली मार दी। गोली भतीजे के पेट में लगी और वह वहीं गिर गया। उन्होंने बचाने का प्रयास किया तो सतीश ने उस पर भी तमंचा तान दिया। उसके चिल्लाने पर आसपास के लोग आ गए तो हमलावर तमंचे लहराते हुए चले गए।
अरविंद ने तीन-चार महीने पहले उसके भतीजे की रिश्तेदार से छेड़खानी की थी। इस पर कहासुनी और गालीगलौज हुई थी। हमलावर इसी बात को लेकर उसके परिवार से रंजिश मानते थे। पुलिस ने अरविंद, सतीश, देवदत्त और हरिनंदन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीपाल वर्मा ने बताया कि देवदत्त की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी। अदालत में गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने अरविंद, सतीश और हरिनंदन को दस-दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई।