शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर की ओटी में रविवार शाम केमिकल गिरने के बाद गैस फैलने से भगदड़ मच गई। ऑक्सीजन प्लांट से रिसाव होने, आग लगने की अफवाह पर मरीजों को लेकर तीमारदार सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। अफरातफरी के दौरान एक गंभीर रूप से बीमार मरीज की मौत हो गई। हालांकि डीएम के मुताबिक, किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है।
घटना रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे की है। ट्रॉमा सेंटर की ओटी में उपकरणों को स्टरलाइज किया जाता है। इसमें फॉर्मेलिन केमिकल का इस्तेमाल होता है। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथमदृष्टया ऐसा लग रहा है कि स्टरलाइज करने के दौरान फॉर्मेलिन केमिकल जमीन में गिरने से गैस पैदा हुई होगी। एसी-पंखे के जरिये गैस आसपास फैली थी।
इस दौरान ऑक्सीजन प्लांट से रिसाव और आग लगने की अफवाह से हड़कंप मच गया। अस्पताल में करीब ढाई सौ मरीज भर्ती थे। गंभीर हालत के मरीज समेत तीमारदार बाहर की ओर दौड़ पड़े। भगदड़ के दौरान लोग धक्कामुक्की करते हुए बाहर निकले। सूचना पर पुलिस बल, अग्निशमन कर्मचारी पहुंचे।
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह, एसपी राजेश द्विवेदी भी मौके पर आ गए। डीएम ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। कोई जनहानि नहीं हुई है। डीएम के मुताबिक अगर किसी मरीज की मौत भगदड़ से हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि गैस के प्रभाव से मुंह, नाक, आंख में जलन महसूस हो रही थी। इस वजह से लोगों में भय का माहौल बन गया था।
उन्होंने बताया कि रामनरेश (71 वर्ष) को 24 मई को सांस की बीमारी की वजह से मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। वह टीबी का पुराना मरीज था। दोनों फेफड़े खराब थे। उसकी मौत शाम 05:50 बजे फेफड़े की बीमारी से हुई है न कि भगदड़ या गैस की वजह से हुई है।