अल्हागंज (शाहजहांपुर)। बगिया प्रथम में एक ही घर के दो सगे भाइयों और बहन की हादसे में मौत से सब सदमे में हैं। पलक झपकते तीन संतानें खो देने वाले मोहल्ले के सिलाई कारीगर दिलदार अली पर तो मानों दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। नगर के तमाम लोगों ने उनके घर जाकर अपनी संवेदना जताई। इस बीच, पुलिस बाइक को चपेट में लेने वाले वाहन चालक का सुराग लगाने में जुट गई है।
शनिवार रात बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर एक ढाबे से आगे गुरदासपुर गांव के मोड़ के पास दो बाइकें टकरा गईं थीं। एक बाइक पर सवार दिलदार के पुत्र फिरोज व इरशाद और बेटी शबाना व चांदनी टक्कर लगने से हाईवे पर गिर गए।
ये चारों संभल पाते कि इससे पहले कोई वाहन उन्हें रौंदते हुए निकल गया था। हादसे में फिरोज व चांदनी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि इरशाद व शबाना गंभीर घायल हो गए थे। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने क्षत-विक्षत हो चुके दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
गंभीर घायल इरशाद को घरवाले फर्रुखाबाद ले गए, लेकिन देर रात इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। सीएचसी पर भर्ती घायल शबाना ने बताया कि वह भाई-बहनों के साथ सवायजपुर (हरदोई) के सिलवारी गांव में दावत से लौट रही थी।
गुरदासपुर मोड़ से एक बाइक सवार अचानक हाईवे पर सामने आ गया, जिससे उनकी बाइक टकरा गई। भिड़ंत से फिरोज की बाइक अनियंत्रित होकर हाईवे पर गिर गई। इसी दौरान पीछे से आ रही एक बस उन्हें टक्कर मारते हुए निकल गई।
हालांकि, थाना प्रभारी ओमप्रकाश के अनुसार बाइक सवारों को कुचलने वाले वाहन का अभी पता नहीं चल सका है। उनका कहना है कि घायल शबाना केवल अनुमान के आधार पर बस बता रही है। मौके पर कुछ लोग ट्रक से कुचले जाने की बात कह रहे हैं। उन्होंने बताया कि हादसे की वजह बने वाहन का पता लगाने के लिए टीमें लगाई गई हैं।
परिवार में तीन मौतों से दिलदार का परिवार बेहद गमजदा है। उनके पांच बेटों और चार बेटियों में मृतक फिरोज चौथे नंबर का था, जो कि मजदूरी करता था। सबसे छोटा बेटा इरशाद कक्षा दो में पढ़ता था। मृतका चांदनी हादसे में घायल शबाना से दो वर्ष छोटी थी। दिलदार की पत्नी गुड्डी की एक वर्ष पहले मौत हो चुकी है। उनका सबसे बड़ा बेटा बबलू पानीपत में नौकरी करता है। हादसे की सूचना पाकर वह रविवार सुबह छोटे भाई इरशाद के शव को लेने के लिए फर्रुखाबाद गया है।
अल्हागंज के मोहल्ला बगिया प्रथम में दिलदार के घर के बाहर गमजदा लोग। संवाद
अल्हागंज के मोहल्ला बगिया प्रथम में दिलदार के घर के बाहर गमजदा लोग। संवाद