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Shahjahanpur News: फिर शुरू हुआ खेल...एनसीईआरटी की किताबों के साथ साइड बुक का दबाव

Fri, 10 Apr 2026 01:28 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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खिरनीबाग ​​स्थित एक ट्रेडर्स की दुकान पर किताबों की खरीदारी के लिए उमड़ी अ​भिभावकों की भीड़। सं
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शाहजहांपुर। नया सत्र शुरू होते ही किताबों की बिक्री में खेल शुरू हो गया है। शासन के निर्देश पर एनसीईआरटी की किताबों में मुनाफे के लालच में साइड बुक भी दी जा रही है। इसी तरह कक्षा नौ की किताबों का पुराना पाठ्यक्रम ही थमा दिया गया। इसे लेकर डीएम और डीआईओएस से शिकायत की गई। अधिकारियों ने संबंधित को नोटिस जारी करने के साथ ही कार्रवाई की तैयारी कर ली है।
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नया सत्र शुरू होने से पहले ही डीएम ने बैठक कर निजी स्कूलों से अपनी किताबों की सूची वेबसाइट पर जारी करने के निर्देश दिए थे। यह भी कहा था कि किसी भी स्कूल में किताबों की बिक्री नहीं होगी। इसके बाद भी पुस्तकों पर खेल नहीं रुका है। विद्यार्थियों को तय पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों पर ही भेजा जा रहा है। जहां पर कक्षा एक से आठ तक की एनसीईआरटी की पुस्तकों के साथ साइड बुक लेने को जबरन थोपा जा रहा है। कुछ दुकानदारों ने किताबों पर पुराने दाम हटाकर अपने दाम डाल दिए हैं। मजबूरी में अभिभावकों को किताबें खरीदना पड़ रही हैं।
शहर के मोहल्ला गदियाना निवासी दिलदार खान ने बताया कि उनका बेटा उजैर कक्षा नौ में हैं। बेटे के लिए किताबें खरीदी थी। कॉलेज ने पुरानी किताबों को मानने से इन्कार करते नया पाठ्यक्रम लाने की बात कही। खरीदी गई किताबों को किताब विक्रेता ने वापस करने से मना कर दिया। पीड़ित ने डीएम से शिकायत की है।
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किताब विक्रेता साइड बुक उपलब्ध करा रहे हैं। कुछ पुराने कोर्स भी दिए जा रहे हैं, साथ ही अभिभावकों पर दबाव भी बनाया जा रहा है। इसे लेकर डीएम से मुलाकात कर मांग पत्र दिया जाएगा। अभिभावकों की लड़ाई को लड़ा जाएगा।
रामजी अवस्थी, अध्यक्ष-अभिभावक एसोसिएशन शाहजहांपुर
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-किसी भी छात्र को पुराना पाठ्यक्रम देना गलत है। विक्रेताओं को नया पाठ्यक्रम ही उपलब्ध कराना चाहिए। साइड बुक देने का नियम भी नहीं है। इसके लिए बच्चे की सहमति जरूरी है। किसी भी अतिरिक्त किताब को खरीदने को बाध्य नहीं किया जा सकता।
रचित अग्रवाल, अध्यक्ष सहोदय
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-किताबों को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई हैं। संबंधित को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। खिलाफ जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
हरिवंश कुमार, डीआईओएस



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-महंगी किताबों और फीस के चलते शिक्षा सस्ती नहीं हो सकती है। भतीजे की किताबें खरीदकर लाए हैं। प्री-नर्सरी की किताबें ही काफी महंगी मिली हैं। पुस्तकों को लेकर निगरानी बरतकर कार्रवाई की जाए।
लाल मोहम्मद, अभिभावक
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किताबों के साथ ही साइड बुक भी दी जा रही है। मना करने के बाद भी नहीं माने। ऐसे में मजबूरी में खरीदना पड़ी है। अधिकारियों को इस ओर ध्यान देकर सख्ती से कार्रवाई करना चाहिए।
ताबिश खान, कांट

खिरनीबाग स्थित एक ट्रेडर्स की दुकान पर किताबों की खरीदारी के लिए उमड़ी अभिभावकों की भीड़। सं

खिरनीबाग स्थित एक ट्रेडर्स की दुकान पर किताबों की खरीदारी के लिए उमड़ी अभिभावकों की भीड़। सं

खिरनीबाग स्थित एक ट्रेडर्स की दुकान पर किताबों की खरीदारी के लिए उमड़ी अभिभावकों की भीड़। सं

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