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Shahjahanpur News: बेमौसम बारिश से किसानों के अरमानों पर फिरा पानी, नुकसान का जायजा लेने पहुंची टीमें

Fri, 10 Apr 2026 01:27 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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राजेश मिश्रा, किसान
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शाहजहांपुर। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कटने के लिए तैयार खड़ी फसल को काफी क्षति पहुंची है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बृहस्पतिवार को कृषि और राजस्व विभाग की टीम के करीब चार कर्मचारियों ने फसल के नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। संभावना है कि जिले में लगभग 20 से 30 फसल को नुकसान हुआ है।
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जिले में अधिकतर किसान गेहूं की फसल के साथ अन्य फसलों का उत्पादन करते हैं। जिले में इस बार लगभग दो लाख 23 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसल का रकबा है। सर्दी में मौसम ठीक रहने से गेहूं का उत्पादन बढ़ने की संभावना थी। लेकिन प्रकृति ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पिछले एक सप्ताह से लगातार मौसम खराब रहा। रुक-रुककर बारिश हुई। वहीं बुधवार की शाम को तेज हवा और बारिश के साथ ओलावृष्टि से गेहूं किसानों की कमर तोड़ दी। गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ। हवा के चलते गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई है। जलालाबाद, मिर्जापुर, बंडा, कांट, भावलखेड़ा, तिलहर आदि में बारिश के साथ ओलावृष्टि से फसल को काफी नुकसान हुआ है। फसलों के नुकसान के मुआवजे को लेकर मुख्यमंत्री ने सर्वे के निर्देश दिए हैं। लखनऊ से आदेश आने के बाद कृषि और राजस्व विभाग ने सर्वे के लिए लगभग 400 कर्मचारियों को लगाया है। उनसे तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश जारी दिए गए हैं।
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जनपद में 1600 से अधिक फसल बीमा धारक
- कृषि विभाग की ओर से फसल सुरक्षा के लिए फसल बीमा कराया जाता है। जिले में 16506 बीमा धारक किसान हैं। इन किसानों को बीमा का लाभ तभी मिल सकता है, जब फसल का नुकसान 30 प्रतिशत से अधिक हुआ हो। ऐसे में किसानों को फसल के नुकसान की भरपाई हो पाना मुश्किल है।
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मुआवजे के लिए विधायक ने भेजा पत्र
कांट। ददरौल विधायक अरविंद सिंह ने बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान का मुआवजा दिलाने के लिए डीएम को पत्र भेजा है। इसमें बताया कि एक सप्ताह से बारिश व ओलावृष्टि से कांट, मदनापुर एवं ददरौल क्षेत्र में किसानों की गेहूं की कटी पड़ी खेतों में फसल को भारी नुकसान हुआ है। संवाद
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किसानों की बात
फोटो- 20
- तीन एकड़ गेहूं दो बार बारिश में भीग कर गिर गए। गेहूं को कंबाइन से कटवाकर कई व्यापारियों के पास ले गए। उन्होंने गेहूं खरीदने से मना कर दिया, मजबूरी में कम दाम में फसल बेचनी पड़ी।

राजेश मिश्रा, किसान

फोटो- 21
- आठ बीघा गेहूं की फसल आंधी-बारिश में पूरी तरह गिर गई। गेहूं का दाना काला पड़ने की संभावना बढ़ गई है। गेहूं खाने लायक नहीं रह जाएगा। खाने के लिए गेहूं खरीदना पड़ेगा।
ब्रजेश मिश्रा, किसान
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फोटो- 23

-बारिश और तेज हवा के चलते गेहूं का दाना खराब होने से उपज में गिरावट होने की संभावना है। इस बार उपज बेहतर होने की संभावना थी, लेकिन प्रकृति की मार ने सब बर्बाद कर दिया।
- कुनेंद्र पाल सिंह, किसान

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फोटो- 24

कई दिनों से बेमौसम बारिश हो रही है। बुधवार को बारिश के साथ तेज हवा चली और ओलावृष्टि भी हुई। फसल के नुकसान को लेकर सरकार से मुआवजे की आस है। सर्वे से ही काफी उम्मीद है।
- मुकेश शर्मा, किसान
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वर्जन-
गेहूं की फसल के नुकसान के लिए टीमों से सर्वे कराया जा रहा है। नुकसान के आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। टीमें लगातार रिपोर्ट कर रहीं हैं।
- अरविंद कुमार, एडीएम एफआर

बिजली गुल होने से परेशान रहे लोग
तेज हवा और बारिश के कारण बिजली की आपूर्ति बृहस्पतिवार की सुबह बहाल हो सकी। पुवायां तहसील के सुहेली उपकेंद्र पर फॉल्ट के चलते बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसके चलते सिंधौलली मुड़िया और चिनौर के मूड़ा आदि क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली जाने से लोग परेशान रहे। सुबह करीब साढ़े आठ बजे बिजली आई। इसी तरह मदनापुर के उमरसड़ा गांव में तीन दिन से बिजली नहीं आई। बिजली नहीं आने पर उपभोक्ताओं ने उपकेंद्र पर शिकायत की। मामला एसई तक पहुंचने पर संज्ञान लेकर आपूर्ति को बहाल करने का प्रयास शुरू किए गए। दोपहर में अब्दुल्लागंज के केरूगंज फीडर की आपूर्ति गुल होने से लोग लोग एक घंटे तक परेशान रहे।

राजेश मिश्रा, किसान

राजेश मिश्रा, किसान

राजेश मिश्रा, किसान

राजेश मिश्रा, किसान

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