रामकृष्ण सेवा आश्रम की ओर से आर्य महिला महाविद्यालय में युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। साथ ही स्वामी विवेकानंद के जीवन एवं कार्यों पर आधारित एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया।
युवा सम्मेलन में लखनऊ से आए स्वामी निर्विकल्पानंद महाराज ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद और मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यही वो भारत है जो अनेक शताब्दियों तक विदेशी आक्रमणों को झेलने के बावजूद भी मजबूत है, और संसार की किसी भी चट्टान से अधिक मजबूती के साथ खड़ा है। हमें ऐसे देश की संतान होने का गौरव प्राप्त है।
समाजसेवी प्रबंध त्रिपाठी ने कहा कि मनुष्य अल्पायु है, और संसार की समस्त वस्तुएं क्षण भंगुर हैं। पर वे जीवित हैं, जो दूसरों के लिए ही जीते हैं। अपने कर्तव्यों का निर्वाह करते जाओ सफलता अवश्य मिलेगी। विवेक शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का कहना था कि एक विचार ले लो उसी के अनुसार अपना जीवन बनाओ। उसी को सोचो, उसी का सपना देखो और उसी पर अवलंबित रहो।
इस मौके पर स्वामी विवेकानंद जी के जीवन एवं कार्यों पर आधारित एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर कॉलेज की छात्रा सुमन ने प्रथम, संजय कुमार सरस्वती इंटर कॉलेज के छात्र विकास मिश्र ने द्वितीय तथा एसएस कालेज की छात्रा आयुषी गुप्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सम्मेलन को नागेंद्र सिंह, दीप्ती भटनागर, रक्षपाल, सुमन सिंह, ममता मिश्रा, विकास मिश्रा, प्रदीप सिंह, डॉ. शचि अग्रवाल, शिखा पाठक, धर्मवीर श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर स्वामी निर्विकल्पानंद का आश्रम के सचिव अमितेश अमित ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। सम्मेलन में ओमप्रकाश शुक्ला, रामासरे मिश्रा, रामबाबू, गायत्री दीक्षित, चंद्रकांता सिंह, राजभूषण जौहरी, जयभूषण जौहरी, अनिल गुप्ता, धर्मपाल, महेश बाबू, अनुपम शर्मा, राधारमण मिश्र, ऋषभ शुक्ला, राकेश वर्मा, अभिषेक, विकास, करोड़ी लाल, सुधा पांडेय आदि मौजूद रहे। संचालन अरुण गुप्ता और आभार हृदय नारायण मिश्र ने किया।