शाहजहांपुर। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए पूरी तरह से गोपनीय रखा गया। ट्रेन आने से 15 मिनट पहले ही टीम ने जीआरपी से संपर्क साधा था। ट्रेन के आने और गिरफ्तारी में दस मिनट का समय लगा। पुलिस की कार्रवाई की किसी को भनक तक नहीं लग सकी।
धोखाधड़ी के आरोप में फंसे अमिताभ ठाकुर लखनऊ से दिल्ली के लिए ट्रेन से सवार हुए। पुलिस ने लखनऊ या अन्य किसी स्टेशन पर उन्हें नहीं घेरा। देर रात होने का इंतजार करते हुए लखनऊ पुलिस ने शाहजहांपुर में डेरा डाला। पुलिस ने पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखते हुए ट्रेन आने से 15 मिनट पहले ही जीआरपी से संपर्क साधा। उनके साथ सिविल पुलिस भी थी। ट्रेन के आते ही चिह्नित बोगी में पुलिस घुसी और पूर्व आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। तुरंत ही उन्हें स्टेशन के मुख्य गेट पर खड़ी गाड़ी में बैठाकर लखनऊ ले गए। गिरफ्तारी और लेकर जाने में मात्र दस मिनट का समय ही लगा होगा।
मदनापुर पुलिस पर लगाए थे अमिताभ ने आरोप
-करीब डेढ़ साल पहले अमिताभ ठाकुर शाहजहांपुर आए थे। तब उन्होंने मदनापुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसपी से कार्रवाई की मांग की थी। आरोप था कि मदनापुर पुलिस ने मनमानी करते हुए उनकी पार्टी के नेता को गिरफ्तार किया था। इससे पहले मीडियाकर्मी जगेंद्र सिंह के झुलसने के बाद वह यहां आए थे।
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पार्टी के पदाधिकारियों को नहीं लगी भनक
-पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने आजाद अधिकार पार्टी का गठन किया था। उन्होंने यहां भी संगठन खड़ा किया था। उनकी गिरफ्तारी के संबंध में स्थानीय नेताओं को बाद में जानकारी हो सकी।