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सर्वे सट्टा का सत्यापन कर रहे गन्ना पर्यवेक्षक को पीटा, अभिलेख फाड़े

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शाहजहांपुर/तिलहर। गन्ना सर्वे सट्टा के अभिलेखों का स्थलीय सत्यापन करने तिलहर क्षेत्र के गांव डंडिया बाजार गए राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक को आधार कार्ड मांगने पर किसान ने पीटा दिया। विरोध करने पर उसने सरकारी अभिलेख फाड़ डाले। मामले में गन्ना पर्यवेक्षक ने तिलहर कोतवाली में डंडिया बाजार निवासी रामकिशोर उर्फ ठग्गा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव के अनुसार पर्यवेक्षक पर हमले के आरोपी किसान के सर्वे अभिलेखों में गड़बड़ी पाए जाने पर उसे काली सूची में डाल दिया जाएगा। कौशांबी जिले के मंझनपुर थानांतर्गत गांव चक नारा निवासी कमलेश कुमार निगोही गन्ना विकास परिषद में राजकीय पर्यवेक्षक पद पर तैनात हैं। उन्होंने दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा है कि वह 12 जून को राजकीय कार्य से क्षेत्र के गन्ना ग्राम डंडिया बाजार गए थे।
वहां शाम चार बजे गन्ना सट्टे के मिलान को आधार कार्ड लेने रामकिशोर उर्फ ठग्गा की दुकान पर पहुंचे। दुकान पर पहुंचकर नाम व पता दो बार पूछा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। तीसरी बार नाम लेकर पूछा तो रामकिशोर ने अभिलेख छीनकर फाड़ दिए। इसके बाद उसे पीटा और गाली-गलौज की गई।
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पर्यवेक्षक कमलेश कुमार के अनुसार मारपीट का विरोध करने पर उन्हें दोबारा गांव में दिखने पर जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
उप निरीक्षक भरत सिंह ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। इस घटना को लेकर क्षेत्र के अन्य गन्ना पर्यवेक्षकों मेें रोष व्याप्त हो गया है। उन्होंने सर्वे सत्यापन के दौरान सुरक्षा मांगी है। इधर, डीसीओ डॉ. भार्गव ने बताया कि मारपीट के आरोपी किसान के सर्वे संबंधी अभिलेखों की बारीकी से जांच की जा रही है। यदि उसमें घोषणा पत्र के विपरीत कोई सूचना दर्ज पाई गई तो सट्टा निरस्त कर उसके आधार पर चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति रोक दी जाएगी।
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