शाहजहांपुर। गन्ना शोध परिषद में आयोजित सहकारिता सम्मेलन में गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि गन्ना एवं चीनी उत्पादन के साथ-साथ एथनॉल एवं शीरा के उत्पादन में प्रदेश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने किसानों, समितियों के नवनिर्वाचित अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों को बधाई दी।
मंत्री ने बताया कि चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग प्रदेश के लगभग 46.46 लाख किसानों व उनके 2.30 करोड़ परिजनों को आजीविका देता है। उन्होंने कहा कि 10 लाख व्यक्तियों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराकर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं आजीविका संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मंत्री ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में 2,89,445 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य का रिकॉर्ड भुगतान किया जा चुका है, जो विगत 22 वर्षों में हुए 2,13,520 करोड़ भुगतान से भी 75,925 करोड़ रुपये अधिक है। वर्ष 2017 से पूर्व जहां कुल एथनॉल का उत्पादन 42 करोड़ लीटर प्रतिवर्ष तक सीमित था।
वर्तमान में 180 करोड़ लीटर एथनॉल का उत्पादन कर ऑयल कंपनियों को आपूर्ति किया जा रहा है। पिछले आठ वर्षों में चीनी उद्योग में 6,924 करोड़ रुपये के निवेश से उद्योग को गति मिली है। प्रदेश की कुल जीडीपी में गन्ने का योगदान 4.19 प्रतिशत व गन्ना एवं चीनी का सम्मिलित योगदान 8.45 प्रतिशत है।
शिक्षा व चिकित्सा में बढ़ाएं योगदान
गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने बताया कि गन्ना समितियां अपने भवनों का जीर्णोद्धार कराने, समितियों के सहयोग से संचालित विद्यालयों व महाविद्यालयों का सुदृढ़ीकरण व उच्चीकरण कराने, शिक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नए विद्यालयों व महाविद्यालयों की स्थापना कराने तथा समितियों के सहयोग से संचालित चिकित्सालयों को सुदृढ़ कर उनमें चिकित्सीय सुविधाओं के सुधार व बढ़ोतरी के लिए अपना योगदान दें।
गन्ना विभाग नवाचार के रूप में गन्ना सीडलिंग उत्पादन के लिए तीन हजार महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन कराकर एक सार्थक पहल की गई है। इससे लगभग 58,000 महिलाएं 08 से 10 करोड़ गन्ना सीडलिंग प्रतिवर्ष तैयार कर रहीं हैं।
किसानों की उन्नति के लिए प्रयास करने की अपील
गन्ना आयुक्त एवं निबंधक मिनस्ती एस. ने कहा कि समितियों की ऊर्जावान सामान्य निकाय एवं प्रबंध कमेटी एक कदम आगे बढ़कर गन्ना समितियों के लाभांश वितरण के लिए कार्रवाई करें। अधिनियम, नियमावली एवं समिति उपविधियों में दी गई व्यवस्था के अनुसार लाभांश का वितरण कर सदस्य कृषकों को लाभान्वित करें। इस दौरान सांसद अरुण कुमार सामग, उपाध्यक्ष इफ्को बलवीर सिंह, डीसीबी चेयरमैन डीपीएस राठौर, निदेशक शोध संस्थान वीके शुक्ल, अपर गन्ना आयुक्त डाॅ. वीबी. सिंह, अपर गन्ना आयुक्त विश्वेश कनौजिया, प्रबंध निदेशक सहकारी गन्ना समिति संघ सत्येंद्र सिंह, गन्ना समितियों के अध्यक्ष व चीनी मिल समितियों के अध्यक्ष मौजूद रहे।
गन्ना शोध परिषद में आयोजित सहकारिता सम्मेलन में बोलते गन्ना विकास विभाग मंत्री चौधरी लक्ष्मी ना