शाहजहांपुर। एमएलआर थियेटर फाउंडेशन की ओर से मृणाल माथुर द्वारा लिखित नाटक ''पश्मीना'' का मंचन शुक्रवार को गांधी भवन प्रेक्षागृह में किया गया। संस्था के कलाकार नाटक के माध्यम से सामाजिक समरता, भाईचारा, कौमी एकता और मानवीय संवेदनाओं का संदेश दिया।
नाटक में दिखाया गया कि कश्मीरियों के खून से लथपथ पश्मीना शॉल क्षेत्र के लोगों द्वारा सहन की गई पीड़ा और उस पीड़ा की एक शक्तिशाली रूपक बन जाती है। अलग-अलग धार्मिक पृष्ठभूमि से आने वाले माता-पिता जिन्होंने कश्मीर में हिंसा के कारण अपने बेटों को खो दिया उनके दुख को बयां किया। सार्वभौमिकता और सांस्कृतिक विभाजनों के पार सहानुभूति और समझ की मानवीय क्षमता को प्रदर्शित कर कलाकारों ने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी।
निर्देशक आरपीडी सोती की देखरेख में मंचित नाटक का उद्घाटन कृभको फर्टिलाइजर के अधिकारी नवीन गर्ग, एससी गौड़, मिष्ठान कारोबारी सत्यप्रकाश आर्य तथा वरिष्ठ रंगकर्मी जरीफ मलिक आनंद ने दीप जलाकर किया। नाटक के पात्रों में मुख्य भूमिका आलोक सक्सेना, प्रियंका तायल, जैद सिद्दीकी, सुमित्रा शुक्ला, मीनल मिश्रा, दुर्गेश कुमार, अरुंधती देव ने निभाई। संयोजक संजय राठौर तथा निर्माता आलोक सक्सेना रहे। इस मौके पर अंकित सक्सेना, अभिषेक सिंह, सोनू सक्सेना, लक्ष्मण मिश्रा, निखिल राणा, रोहित वर्मा समेत तमाम कला व साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।