अल्हागंज। बारह पत्थर देवस्थान के श्री सीताराम मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा के दूसरे दिन मंगलवार को कथावाचक पंडित सत्यदेव द्विवेदी ने श्रद्धालुओं को माता सती पार्वती द्वारा प्रभु श्रीराम की परीक्षा लेने का प्रसंग सुनाया।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव के मना करने पर भी माता सती पार्वती ने प्रभु श्रीराम की परीक्षा लेनी चाही। उन्होंने सीता का रूप धरकर प्रभु के समक्ष जाने का प्रयास किया, लेकिन प्रभु श्रीराम ने उन्हें माता स्वरूप में संबोधित किया। इस घटना से सती काे पश्चाताप हुआ और वह स्वयं को अपराधिनी अनुभव करने लगीं।
कथावाचक ने कहा कि यह प्रसंग हमें सीख देता है कि ईश्वर की महिमा को बिना किसी संशय के स्वीकार करना चाहिए और भगवान के लिए अनुमान लगाने का प्रयास करने वाला स्वयं ही भ्रमित हो जाता है। कथा श्रवण में संजीव गुप्ता, विवेक कुमार, शिवम गुप्ता, राजन शुक्ला, रमेश शुक्ला, राजू गुप्ता आदि श्रद्धालु शामिल रहे। संवाद
वामन अवतार का प्रसंग सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
जैतीपुर। नवादा मोड़ के श्रीराम मंदिर पर हो रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को कथावाचक हेमराज शास्त्री ने भगवान विष्णु के वामन अवतार का प्रसंग सुनाया। भगवान की महिमा का गुणगान सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। अंत में भगवान की आरती और प्रसाद वितरण हुआ। कथा श्रवण में बाबा अभय गिरि महाराज, अरुण यादव, भूपेंद्र कुमार ,प्रिंस यादव, राधेश्याम गुप्ता, अजय सिंह, महेश यादव आदि शामिल रहे। संवाद