खुटार। गांव पंचायत राठ में कोटा चयन की छठवीं बार खुली बैठक बुलाने के बाद अधिकारियों के नहीं पहुंचने से गांव के लोग आक्रोशित हो उठे। ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर जमकर हंगामा और धरना-प्रदर्शन किया। इसे बाद ब्लॉक के गेट पर ताला जड़ दिया गया।
राठ में कोटेदार का पद रिक्त चल रहा है। कोटेदार के चयन के लिए पहले भी पांच बार बैठक बुलाई जा चुकी है, लेकिन कोटेदार का चयन नहीं हो सका है। एक अप्रैल को कोटेदार के चयन को खुली बैठक बुलाई गई थी। काफी देर इंतजार के बाद भी कोई अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचा तो गांव के लोगों ने ब्लॉक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और ब्लॉक कार्यालय पहुंच गए। बीडीओ के न मिलने पर ब्लॉक कार्यालय के गेट में ताला जड़कर ग्रामीण धरने पर बैठ गए।
सूचना पर नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी, बीडीओ आशीष सिंह, थाना प्रभारी श्यामवीर सिंह मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार ने जल्द ही अगली बैठक बुलाकर कोटेदार का चयन कराने का आश्वासन दिया, तब ग्रामीण शांत हुए और धरना समाप्त कर घर लौट गए। इस बीच ग्रामीणों की अधिकारियों से कई बार नोकझोंक भी हुई। धरना प्रदर्शन के दौरान रामस्वरूप, अशोक कुमार, विमलेश, सरोजनी देवी, रामादेवी, कलावती कमला देवी, कमलेश कुमारी रहीं।
गांव राठ के अशोक कुमार ने बताया कि कुछ माह पहले उनके गांव की उचित दर विक्रेता की दुकान को अनियमितता पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया था। ग्राम विकास अधिकारी प्रमोद कुमार वर्मा ने पहली बैठक 26 दिसंबर 2025, दूसरी बैठक 28 जनवरी, तीसरी बैठक 11 फरवरी, चौथी बैठक 12 फरवरी, पांचवी बैठक 25 मार्च को तय की थी, लेकिन अधिकारी मनमानी कर बैठक में नहीं पहुंच रहे हैं।
बैठक के लिए काटी गई गेहूं की कच्ची फसल
- राठ का पंचायत भवन गांव कुंभिया गांव में बना है, जहां जगह बहुत कम है। बीडीओ ने दोनों गांवों के लोगों की सहमति से बैठक का स्थान तय किया था। निश्चित की गई जगह गांव राठ के शत्रुघ्न का खेत था, जिसपर गेहूं खड़े थे। बैठक के लिए खेत में खड़ी गेहूं की कच्ची फसल काट डाली गई। इसके बाद भी बैठक नहीं होने से ग्रामीण भड़क उठे थे।
एक अप्रैल को राठ में कोटा चयन की बैठक होनी थी, जो किसी कारणवश नहीं हो सकी। बैठक की तारीख छह अप्रैल निश्चित की गई है। बैठक मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में होगी।
- जगत मोहन जोशी, नायब तहसीलदार पुवायां