फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुवायां में दरोगा की पिटाई से युवक की हालत बिगड़ी, जिला अस्पताल में भर्ती

विज्ञापन
विज्ञापन
पुवायां (शाहजहांपुर)। पुवायां कोतवाली में तैनात दरोगा ने एक युवक को पटे से जमकर पीटा, जिससे युवक की हालत बिगड़ गई। चोट लग जाने से उसकी नाक से खून बहने लगा। पुलिस पहले युवक को एक निजी अस्पताल ले गई। बाद में पुवायां सीएचसी ले जाया गया। सीएचसी के डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
विज्ञापन

गांव मुड़िगवां निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि एक नवंबर को उनके खेत पर गन्ने की छिलाई हो रही थी। वह मां नन्हीं देवी के साथ खेत पर थे। दोपहर साढ़े तीन बजे पड़ोस के खेत स्वामी ओमवीर, सोनू, आकाश, विकास अपनी ट्राली में गन्ना भरकर निकले और सिंचाई वाले नाले में उनके खेत से गन्ना उठाकर डाल दिया और ट्रैक्टर निकाल दिया। विरोध करने पर गाली गलौज करने लगे। मां और पड़ोस के खेत स्वामी गांव गुलौली के शिवदेश्वर सिंह ने आकर बचाने का प्रयास किया तो मारपीट की। घटना के बाद वह शिवदेश्वर सिंह के साथ बाइक से पुवायां कोतवाली आए और तहरीर दी तो एक दरोगा ने उनको और शिवदेश्वर को ही हवालात में डाल दिया। दरोगा इस बात से नाराज थे कि उन लोगों ने यूपी-112 पर लूट की सूचना क्यों दी थी। रात में उन लोगों की पटे से पिटाई की गई और सोमवार सुबह फिर दरोगा ने पटे और लात, घूसों से पीटा। आरोप है कि दरोगा उन लोगों को छोड़ने के लिए दस हजार रुपये मांग रहे थे, लेकिन उन लोगों ने रुपये देने से इनकार कर दिया था, जिससे दरोगा और नाराज हो गए थे। जितेंद्र के अनुसार पिटाई से शिवदेश्वर की नाक से खून बहने लगा। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। कोतवाली प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि दरोगा के किसी को पीटने की बात निराधार है। शिवदेश्वर और जितेंद्र कुमार एक नवंबर की रात कोतवाली में नहीं रोके गए थे। पहले जितेंद्र ने लूट की झूठी सूचना दी थी। जितेंद्र ने दो नवंबर को तहरीर दी, जिस पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। शिवदेश्वर खेत पर पिटाई से घायल हुआ है।
अगर दरोगा पर पिटाई करने का आरोप है तो जांच कराई जाएगी, और जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाएगी।
नवनीत कुमार नायक, सीओ पुवायां
कोतवाली के सीसीटीवी खराब
पुवायां। पुवायां के कोतवाली प्रभारी रवि कुमार का कहना है कि शिवदेश्वर और जितेंद्र को रात में कोतवाली में नहीं रोका गया था। जबकि पीड़ित रात भर कोतवाली में रखने और पीटने की बात कह रहे हैं। ऐसे में कोतवाली में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने से सारी हकीकत सामने आ सकती थी, लेकिन कोतवाली में लगे दोनों सीसीटीवी कैमरे खराब हैं और इसकी रिपोर्ट आठ दिन पूर्व अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। उधर, जितेंद्र के अनुसार पुलिस शिवदेश्वर और उसे सुबह साढ़े नौ बजे हवालात से निकालकर सरकारी गाड़ी से निजी अस्पताल ले गई थी। निजी अस्पताल में दोपहर दो बजे तक इलाज चला। लाभ नहीं होने पर ढाई बजे सीएचसी ले जाया गया।
विज्ञापन

एक नवंबर की घटना, बचाव में दो नवंबर को दर्ज की रिपोर्ट
पुवायां। शिवदेश्वर और जितेंद्र को गांव में विवाद एक नवंबर को दिन में साढ़े तीन बजे हुआ था। दोनों ने शाम को तहरीर भी दे दी थी, लेकिन दोनों को कोतवाली में बिठा लिया गया और रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। दो नवंबर को शिवदेश्वर की हालत बिगड़ी तो पुलिस बैकफुट पर आ गई और दो नवंबर की दोपहर 1.20 पर जितेंद्र की ओर से गांव मुड़िगवां के ओमवीर, सोनू, आकाश, विकास के खिलाफ पिटाई करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष को दी सूचना, तब मिली राहत
पुवायां। जितेंद्र ने बताया कि धौरहरा की सांसद और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा उनकी रिश्तेदार हैं। शिवदेश्वर को निजी अस्पताल में भर्ती कराए जाने पर उसने अपने पिता को सूचना दी। पिता ने सांसद को मामले की जानकारी दी, इसके बाद सांसद ने पुलिस को फोन किया तब जाकर रिपोर्ट दर्ज की गई और शिवदेश्वर को सीएचसी और फिर जिला अस्पताल भेजा गया।
शिवदेश्वर को पुलिस सीएचसी लाई थी। उनकी नाक से खून गिर रहा था और ब्लड प्रेशर हाई था। वह पैरों में चोट और दर्द भी बता रहे थे। उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। शिवदेश्वर की हालत गंभीर नहीं है। शिवदेश्वर के शरीर पर चोट के अन्य निशान नहीं मिले हैं।
विज्ञापन

- डॉ. एसपी गंगवार, मेडिकल ऑफिसर, सीएचसी पुवायां
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें