चांदपुर क्षेत्र में तेंदुए के पग चिह्न। स्रोत: जागरूक पाठक
चांदपुर। तेंदुए की चहलकदमी से गांव में दहशत है। बुधवार की रात करीब 11 बजे तेंदुआ रामाधार के घरे से बकरे को खींच ले गया। इसी तरह जुलाई महीने में तेंदुए ने पांच अलग-अलग जगहों पर हमलाकर आठ पालतू पशुओं को अपना निवाला बनाया। इसके बावजूद वन विभाग की टीम ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
वन रेंज खुटार के गांवों कोल्हूगाढ़ा, हरिहरपुर में पिछले एक माह से तेंदुए का आतंक है। खेतों में ठिकाना बनाए तेंदुआ अब चतुरपुर और बरगदिया तक पहुंच गया है। बुधवार को तेंदुआ बरगदिया गांव में घुसा। गुड्डू शुक्ला ने रात करीब 11 बजे तेंदुए को दीपक के घर की दीवार पर देखा। उन्होंने शोर मचाया।
शोर सुनकर ग्रामीणों ने टॉर्च की रोशनी से देखा तो तेंदुआ रामाधार के घर से बकरे को सौरभ शुक्ला के खंडहरनुमा मकान में खींच ले गया। ग्रामीणों के शोरगुल से तेंदुआ भाग गया। दोबारा फिर तेंदुए ने गांव में घुसने की कोशिश की, लेकिन रात में चौकीदारी कर रहे ग्रामीणों ने उसे खदेड़ दिया।
सुबह मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। बताया कि तेंदुए को पकड़ने के इंतजाम किए जाएंगे।
रात को दे रहे पहरा
तेंदुए के हमलों की घटनाओं से ग्रामीणों में भय के साथ ही वन विभाग की लापरवाही के प्रति आक्रोश है। ग्रामीण रात में खुद जागकर पहरा दे रहे हैं। बच्चों को स्कूल भेजने में डर रहे हैं। कृषि कार्य भी प्रभावित है।
लोकेशन ट्रैकिंग के माध्यम से तेंदुए की मूवमेंट की निगरानी की जा रही है और जल्द ही उसे पकड़ने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं। वन विभाग ने अपनी निगरानी और गश्त तेज कर दी है।
- वीरेश राव, कार्यवाहक रेंजर खुटार