शाहजहांपुर। बरतारा स्थित विनोबा सेवा आश्रम के संस्थापक रमेश भइया का एक वर्ष का मौन संकल्प पूरा होने पर समारोह का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने मौन के महत्व पर प्रकाश डाला।
पूर्वाह्न 11 बजे मौन संकल्प का पूर्णाहुति यज्ञ विधिविधान से गुरुकुल महाविद्यालय की टीम के प्रमुख आर्य उत्तम ने किया। मुख्य अतिथि एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने कहा कि विनोबा भावे के बताए हुए रास्ते पर रमेश भइया ने चलकर जनपद का नाम पूरे देश में फैलाया। महात्मा गांधी आश्रम ट्रस्ट दिल्ली की कोषाध्यक्ष उर्मिला श्रीवास्तव ने कहा कि बोलना कला है लेकिन मौन एक तपस्या ही है।
राष्ट्रीय युवा योजना के ट्रस्टी राजेंद्र यादव ने कहा कि मौन रहना एक कठिन तप है जिसे निर्विघ्न पूरा करके रमेश भइया ने एक बड़ी लकीर खींची है। कुसुम जौहरी, शिव विजय सिंह, डॉ. प्रमोद प्रमिल, विजय प्रकाश मिश्र, बृज गोपाल शर्मा, पूर्व मंत्री अवधेश वर्मा, विनोबा सेवा आश्रम की संरक्षक विमला बहन, महिला योग प्रशिक्षिका सरोज, कवि और पत्रकार कुलदीप दीपक ने भी विचार रखे।
स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन एडीएम और उनकी पत्नी सौम्या ने किया। इसमें 195 मरीज देखे गए। भोर फाउंडेशन की अध्यक्ष स्वाति सिंह और स्वच्छता अभियान की एंबेसडर अल्पना श्रीवास्तव ने वृद्ध आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को गरम कपड़े बांटे। इस मौके पर यशेंद्र शाह, संतोष गुप्ता, बृजेश सक्सेना, विश्शन कुमार, पंकज मिश्रा, ओंकार मनीषी, डाॅ. अमित कुमार सिंह, ललित आदि उपस्थित रहे। रमेश भइया ने कहा कि एक वर्ष का मौन सभी के सहयोग से सफल हुआ। आगे से शाम की प्रार्थना से सुबह की प्रार्थना तक 11 घंटे मौन रहने की घोषणा की।