अल्हागंज। लिपुलेख-भिंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बस स्टेशन के बाहर हाईवे का तिराहा डग्गामार वाहनों का ठिकाना बन गया है। वहां तीव्र मोड़ होने के बावजूद सुबह से शाम तक ऑटो, ई-रिक्शा, टाटा मैजिक आदि सवारियां ढोने वाले वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। वहीं पर रोडवेज बसें रुकने से उन पर चढ़ते-उतरते यात्रियों के साथ कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है।
सवारियां बैठाने के लिए चालक सुबह से अपने वाहन वहां आड़े-तिरछे रोककर यात्रियों को बुलाना शुरू कर देते हैं। बाद में तिराहा के मोड़ से थाने के गेट तक ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य वाहनों की लाइन लग जाती है। इस कारण हाईवे पर लंबी दूरी के वाहनों के आवागमन में रुकावट आ जाती है। हाईवे के इस तीखे मोड़ पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। अब सर्दी और कोहरे के दौरान वहां हादसा होने का अंदेशा बना रहता है।
बस स्टेशन परिसर के बाहर हाईवे की चौड़ाई कम होने और तीव्र मोड़ के कारण रात में वाहन चालकों को मार्ग समझने में असुविधा होती है। वहीं पर हाईवे की दोनों पटरियां डग्गामार वाहनों और फल-सब्जी के ठेलों से घिरी रहती है। इस कारण वहां रोडवेज बसों के रुकने के लिए भी जगह नहीं बचती। बसों को हाईवे पर रोककर उनके चालक सवारियां बैठाते हैं। ऐसे में बस पकड़ने की जल्दबाजी में कई लोग डग्गामार वाहनों की चपेट में आ चुके हैं। थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि पूर्व में भी डग्गामार वाहनों का संचालन बंद कराया गया था। फिर से कार्रवाई की जाएगी।