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बांस में फूल आने से मुरझाये किसानों के चेहरे

Fri, 10 Apr 2015 07:14 PM IST
पुवायां (शाहजहांपुर)
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पुवायां तहसील क्षेत्र में इस बार बांस में फूल आने से किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। किसानों का मानना है कि जिस साल बांस में फूल आते हैं, उस साल सूखा और अकाल पड़ता है। फूल यूं तो सभी को भाते हैं, लेकिन बांस के फूल किसानों को कतई रास नहीं आते। किसानों ने बताया कि बारिश और आंधी में गेहूं आदि की फसल पहले ही नष्ट हो चुकी है। अब बांस पर फूल आना इस बात का संकेत हैं कि आगे बारिश नहीं होगी। इससे धान की फसल नहीं होगी। ऐसे में किसान भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे।
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बांसों में फूल से क्या होता है नुकसान
किसान बांसों में फूल आना अनिष्टकारी मान रहे तो इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि बांस के फूल खिलने के बाद इसमें बीज बनता है, जो पक कर जमीन पर गिरता है। बांस के बीजों को चूहे काफी पसंद करते हैं और बांसी के पास भारी संख्या में चूहे एकत्र हो जाते हैं। फूल खाने से उनकी प्रजनन शक्ति काफी बढ़ जाती है। इसके अलावा फूल खाने वाले चूहों का व्यवहार भी आक्रामक हो जाता है। जब बीज समाप्त हो जाता है तो चूहे खेतों में खड़ी फसल, घरों में रखे अनाज को कुतर डालते हैं।
 
फूल के बाद सूख जाता है बांस
बांस में फूल लगभग 48 वर्ष में एक बार आता है। फूल आने के बाद बांस सूखने लगता है और फिर यह सिर्फ जलाने के काम का रह जाता है। कृषि वैज्ञानिक राजेश कुमार कहते हैं कि प्रकृति से खिलवाड़ के चलते ग्लोबल वार्मिंग हो रही है और इसी वजह से मौसम में असंतुलन आ रहा है। बांस के फूल को सूखे से जोड़कर देखना गलत नहीं है। बांस के फूलने से उस साल चूहे खूब होते हैं और चूहे ज्यादा होंगे तो तबाही और नुकसान होगा ही।
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