जलालाबाद से कांट मार्ग पर पेड़ों का किया गया कटान। संवाद
कांट। लिपुलेख-भिंड हाईवे को बरेली मोड़ से लेकर जलालाबाद के याकूबपुर तिराहा तक फोरलेन बनाने के लिए वन विभाग की टीम ने हाईवे के दोनों ओर खड़े पुराने वृक्षों का कटान शुरू करा दिया। सुबह करीब 10:30 बजे मौके पर पहुंचे वन विभाग के ठेकेदारों ने पहले हटाए जाने योग्य वृक्षों की मजदूरों से गिनती कराई और बाद में उनकी कटाई का काम शुरू करा दिया।
बरेली मोड़ से याकूबपुर तिराहा तक हाईवे को फोरलेन बनाने के लिए डेढ़ वर्ष पहले हाईवे के दोनों 60-60 फुट के दायरे में बनी दुकानें और मकान तोड़े जा चुके हैं। पिपरौला समेत अन्य कई स्थानों से भी अवैध कब्जे हटाए जा चुके हैं। इसके बावजूद हाईवे चौड़ीकरण में बाधक बन रहे इन वृक्षों को काटने की वन विभाग से अनुमति न मिलने के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ था।
गत छह दिसंबर को अमर उजाला में इस बारे में प्रमुखता से प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए वन विभाग ने हाईवे के किनारे पुराने वृक्षों को काटने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर दिया। इसके बाद ही पेड़ काटने का काम शुरू हो सका। इस कार्य की शुरुआत हाईवे के किनारे स्थित नहर कोठी के पास से की गई है। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता मुबीन अहमद के अनुसार पुराने वृक्ष काटने का काम शुरू हो गया है और अब हाईवे का चौड़ीकरण कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।