सांस की दिक्कत होने पर मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में भर्ती मरीज। संवाद
शाहजहांपुर। सर्द हवाओं के साथ ठिठुरन बढ़ गई है। इसके साथ ही दिल के मरीजों एवं सांस की बीमारियों से पीड़ित मरीजों की मुश्किलें भी बढ़ गईं हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में दिल व सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। साथ ही खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। रोजाना एक हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
ठंड बढ़ने से सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग विभाग में मरीजों की लंबी कतार लग गई है। ओपीडी खत्म होने के बाद ट्राॅमा सेंटर में मरीज पहुंच रहे हैं। साथ ही सीएचसी-पीएचसी पर भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों को सलाह देकर राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर रहे हैं।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. केसी वर्मा ने बताया कि हार्टअटैक का मुख्य कारण हाई ब्लडप्रेशर है। इसकी वजह सर्दी के मौसम में शरीर की सक्रियता का कम होना है। इससे रक्त का दबाव बढ़ जाता है और हार्ट अटैक की आशंका अधिक हो जाती है। ऐसे में मरीज सावधानी बरतें। बुजुर्गों में बीमारी से लड़ने की शारीरिक क्षमता कम हो जाती है, इसलिए उन्हें खानपान में बहुत अधिक तेल मसाले वाले खाने की जगह हल्का व पौष्टिक खाना लेना चाहिए। हरी सब्जी, दाल व रोटी का अधिक इस्तेमाल करें। गर्म कपड़े पहनें व व्यायाम करें।
ये बरतें सावधानी
- मीठा, नमकीन, खट्टा कम खाएं।
- ठंड बढ़ने पर धूप में जरूर बैठें।
- उच्च रक्तचाप होने पर धूप में न निकलें।
- शराब के सेवन से बचें।
- शरीर का वजन न बढ़ने दें।
- तनाव को दिमाग पर हावी न होने दें।
- सांस के रोगी सुबह ठंड में बाहर निकलने से बचें।