जलालाबाद में शव को सड़क पर रखने के बाद धरने पर बैठे परिजन। संवाद
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। बेटी की साजिशन हत्या कर उसे हादसे बताने वाले दामाद व उसके अन्य परिजनों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर परिजनों ने शव को शुक्रवार शाम शाहजहांपुर हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। करीब 20 मिनट तक जाम लगे रहने के दौरान समझाने के बाद भी न मानने पर पुलिस ने लोगों को खदेड़ दिया।
बाद में वे लोग वहां से सौ कदम दूर याकूबपुर तिराहे पर शव लेकर बैठ गए। इससे बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर जाम लग गया। पिता महेश व अन्य परिजनों का कहना था कि जब तक उसकी बेटी महिमा के हत्यारोपी दामाद अर्जुन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे लोग नहीं हटेंगे।
शाम करीब छह बजे शुरू हुए इस गतिरोध को एक घंटा से ज्यादा समय बीतने के बाद भी पुलिस या प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस कारण शाहजहांपुर के बाद बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की कतार लगी रही। गतिरोध को खत्म करने के लिए प्रभारी निरीक्षक राजीव तोमर व इंस्पेक्टर क्राइम रवि कुमार ने परिजनों से तहरीर देने के लिए कहा लेकिन बाद में वे लोग एसपी को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए बैठे रहे। तिराहे पर बैठ जाने से बरेली-फर्रुखाबाद के अलावा शाहजहांपुर रोड पर भी जाम लग जाने से उसमें फंसे यात्री बेहाल हो उठे।
यह था मामला
क्षेत्र के गांव एतमादपुर निवासी महेश ने शुक्रवार दोपहर जलालाबाद पुलिस को दी गई तहरीर में कहा था कि उसने 20 वर्षीय बेटी महिमा की शादी इस साल फरवरी में फर्रुखाबाद के थाना शमसाबाद के गांव सराय निवासी रामवीर के बेटे अर्जुन से की थी। आरोप लगाया कि दामाद बाइक की मांग को लेकर उसकी बेटी के साथ मारपीट करता था। 23 अक्तूबर को अर्जुन उसकी पुत्री महिमा को लेकर भाई दूज पर उसके घर आया था। यहां भी अर्जुन ने बेटी के साथ मारपीट की। इसको लेकर कहासुनी हो जाने पर अर्जुन बेटी को लेकर चला गया। आरोप है कि कांट क्षेत्र के भंडेरी गांव के पास अर्जुन ने बेटी को धक्का देकर बाइक से नीचे रोड पर गिरा दिया। इस दौरान बेटी पीछे से आए अज्ञात वाहन की चपेट में आ गई। गंभीर चोट आने से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने कहा कि महिमा की साजिशन हत्या की गई है। जलालाबाद थाना प्रभारी राजीव कुमार ने घटनास्थल कांट थाना क्षेत्र का होने के कारण पीड़ित को वहीं तहरीर देने के लिए कह दिया। कांट थाने पहुंचने पर पीड़ित से पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद कोई कार्रवाई करने की बात कहकर टाल दिया गया। इससे परिजन नाराज थे। वहीं, राजकीय मेडिकल कॉलेज के शवगृह में महिमा के परिजनों की दामाद अर्जुन से जमकर नोकझोंक भी हुई थी। अर्जुन का कहना था कि बाइक पर बैठी महिमा का पर्स किसी बाइक में फंस गया था। वह असंतुलित होकर नीचे गिरी और दूसरे वाहन की चपेट में आ गई थी।
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शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना की जाएगी।
- अजय राय, सीओ जलालाबाद
जलालाबाद में शव को सड़क पर रखने के बाद धरने पर बैठे परिजन। संवाद