पुवायां। जिला बदर होने के बाद भी आरोपी के मनरेगा में 12 दिन काम करने की जानकारी होने के बाद पुलिस की दो टीमें उसकी तलाश में गांव में दबिश देती रहीं। दबिश के समय आरोपी गांव में ही था, लेकिन वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। अब पुलिस मामले की लीपापोती में जुटी है और कह रही है कि हरिओम की भाभी मेट हैं और उन्होंने मनरेगा में फर्जी हाजिरी लगा दी है।
गांव बगड़ेर के हरिओम पर पुवायां थाने में एससीएसटी एक्ट सहित चार मुकदमे दर्ज हैं। गांव के लोगों को परेशान करने की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसके आधार पर हरिओम को 10 जून को जिला बदर किया गया था। उसे नौ दिसंबर तक जिले से बाहर रहना था, आरोप है कि हरिओम घर पर ही मौजूद रहा और अगस्त माह में उसने 12 दिन तक गांव में मनरेगा में काम भी किया। इसका भुगतान भी हरिओम के बैंक एकाउंट में किया गया।
मीडिया के जानकारी लेने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया तो पुलिस ने सात सितंबर की रात में हरिओम की तलाश में गांव में दबिश दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पांच मिनट पहले ही वह घर से भाग निकला। खबर प्रकाशित होने के बाद थाना प्रभारी रवि करन सिंह ने दो टीमों को गठन किया।
दोनों टीमों ने मंगलवार सुबह से शाम तक कई घरों में हरिओम की तलाश की लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देकर दूसरे घरों में जाकर छिपता रहा। बाद में वह गांव के पश्चिम के मकान से भाग निकला और पुलिस के गांव से हटते ही फिर से गांव आ गया।
थाना प्रभारी रवि करन सिंह ने बताया कि हरिओम की तलाश में पुलिस की दो टीमें गांव गईं थी, लेकिन वह नहीं मिला है। जानकारी कराई जा रही है कि वह गांव में आया था कि नहीं? खास बात यह है कि हरिओम का मोबाइल नंबर तक पुलिस के पास नहीं है, लेकिन दावा किया जा रहा है कि नंबर को सर्विलांस पर लगाकर जांच की जाएगी।
बड़ागांव चौकी पुलिस पर उठे सवाल
जिला बदर के मनरेगा में काम करने के मामले में बड़ागांव पुलिस चौकी के कुछ पुलिसकर्मियों पर सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि चार दिन पूर्व हरिओम पुलिस चौकी में भी गया था। उसने वहां ईंट आदि भी उतरवाई थी। मामला थाना पुलिस के संज्ञान में आने पर दबिश दी गई थी। सात सितंबर की रात दबिश में हरिओम पुलिस के हत्थे चढ़ जाता, लेकिन चर्चा है कि एक कॉल के बाद वह घर से भाग निकला और गांव में ही एक घर में छिप गया। पुलिस के दबिश देने की सटीक सूचना देने वाली कॉल को लेकर भी गांव में व्यापक चर्चा है।
मामले की जांच कराई गई थी। जानकारी मिली है कि हरिओम की भाभी मेट है और उसने ही हरिओम की हाजिरी मनरेगा में लगा दी है। हरिओम और उसकी भाभी की सर्विलांस सेल के माध्यम से सीडीआर निकलवाई जा रही है। सीडीआर में पता चलेगा कि हरिओम गांव में रहा है कि नहीं?
- प्रवीण मलिक, सीओ पुवायां