शाहजहांपुर। बगैर मान्यता के जीएनएम में प्रवेश लेने और कक्षाएं संचालित करने के मामले में पीड़ित छात्रा के पिता के प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने इंस्टीट्यूट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
सिंधौली के पैना के रहने वाले सुशील कुमार वर्मा ने न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय के न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था कि उनकी बेटी जूली देवी ने सिंधौली के गांव पीरू में स्थित काइनेटिक इंस्टीट्यूट एंड हॉस्पिटल के फार्मेसी डिपार्टमेंट में जीएनएम के तीन वर्षीय कोर्स के लिए प्रवेश लिया था। 23 अगस्त 2024 को उन्होंने प्रवेश शुल्क 80 हजार रुपये में से 15 हजार रुपये दिए। इसके बाद बेटी जूली की कक्षाएं शुरू हो गईं। तीन दिसंबर 2024 को प्रबंधक विवेक गुप्ता व अंजली गुप्ता ने क्लास में आकर कहा कि इंस्टीट्यूट को जीएनएम कोर्स की मान्यता शासन से मानक न पूरे होने के कारण नहीं मिल पाई है।
इस वर्ष के उपरांत फीस समायोजित कर नए सत्र में प्रवेश के लिए सीट सुरक्षित हो गई है। ज्यादा शिकायत की तो जमा फीस वापस नहीं होगी और कहीं प्रवेश भी नहीं होने देंगे। शिकायत पर न्यायालय ने सिंधौली थाने से मामले में आख्या मांगी। आख्या मिलने के बाद अदालत ने सिंधौली थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। इंस्टीट्यूट की प्रधानाचार्य अंजली ने बताया कि कॉलेज का अप्रूवल पिछले वर्ष ही आ गया था। इसके बाद यूनिवर्सिटी की साइट नहीं खुलने से संस्थान को भी काफी नुकसान हुआ था। छात्रा ने पूर्व में भी शिकायत दर्ज की थी तो उसे कॉलेज आकर अपनी धनराशि लेने को कहा था, लेकिन छात्रा एक बार भी नहीं आई। उसके रुपये वापस करने को तैयार हैं।