वहीं, सिपाही सोमकुमार यादव ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि दीपू के खिलाफ एक प्रार्थना पत्र आया था। इस संबंध में बुलाया गया था। दीपू नशे में थे और कुछ बता नहीं पा रहे थे। खुद ही नीचे बैठ गए थे। कोई अभद्रता नहीं की है।
सीओ पुवायां निष्ठा उपाध्याय ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जाएगी। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।