डॉ. ऊषा चंद्रा। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। ठंड के मौसम में त्वचा की नमी गायब हो रही है। त्वचा में रूखापन बढ़ने के बाद खुजली व दर्द हो रहा है। अस्पतालों में त्वचा के रोगियों की संख्या में इजाफा हो गया है। त्वचा के अलावा होंठ और एड़ियां भी सर्दी में फटने लगीं हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 50-60 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं।
सर्दी में फंगल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना त्वचा रोग कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतार लग रही है। त्वचा रोग विभाग की डॉ. ऊषा चंद्रा ने बताया कि उनकी ओपीडी में रुखी त्वचा, डैंड्रफ व दाद के काफी मरीज आ रहे हैं।
फटे होंठ, फटी एड़ी आदि के मरीज अधिक आ रहे हैं। डाॅक्टर ने बताया कि सर्दी में हवा में नमी कम होने और गर्म पानी से नहाने से त्वचा की नमी छिन जाती है, जिससे त्वचा खिंची हुई, खुरदुरी और परतदार हो जाती है। होंठों में तेल ग्रंथियां नहीं होतीं, इसलिए वे जल्दी सूखते हैं और ठंडी हवा से फट जाते हैं। उन्होंने बताया कि पैरों के आसपास की त्वचा मोटी होकर फट जाती है। इससे दर्द और असुविधा होती है। त्वचा की सुरक्षात्मक परत कमजोर होने से लगातार खुजली महसूस हो सकती है, खासकर रात के समय।
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एक्जिमा और सोरायसिस की समस्या भी बढ़ी
डॉ. ऊषा चंद्रा ने बताया कि सर्दी में एक्जिमा और सोरायसिस की समस्या बढ़ जाती है। इन दिनों लोगों को घर से निकलने से पहले नारियल तेल व मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। इसके अलावा छोटे बच्चों का खास ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि उनकी त्वचा नाजुक होती है। ठंड के मौसम में बालों में डैंड्रफ हो जाना एक आम समस्या हैं। बदलते मौसम में डैंड्रफ की दिक्कत कुछ बढ़ जाती है।