कांट। बीते दो माह के दौरान तीन लोगों की संदिग्ध हालात में जलकर मौत होने के मामलों का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर सकी है। इससे पुलिस की लचर कार्य प्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गत 10 अक्तूबर को मुनव्वरगंज बरेंडा गांव में शफी मोहम्मद के बाग में अज्ञात व्यक्ति का जला शव बरामद हुआ था। इसी तरह गत 11 नवंबर को पटियारी गांव के बुजुर्ग दयाराम की भी संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मृत्यु हो गई थी। उनका शव घर के पीछे जली हुई हालत में मिला था। उनकी बेटी संतोष, सुनीता व सुमन ने तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर पिता की मृत्यु को लेकर संदेह जताया था।
कुछ दिन बाद गत 28 नवंबर को अलियापुर बरनावा गांव में झोंपड़ी में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से अंदर सो रहे रामपाल की जलकर मृत्यु हो गई थी। तीनों घटनाओं को लेकर पुलिस उदासीन बनी हुई है। पुलिस अब तक न तो जलने से मरे अज्ञात व्यक्ति की पहचान करा सकी है। दोनों घटनाओं में आग लगने की वजह भी पता नहीं कर सकी है। प्रभारी निरीक्षक राकेश मौर्य का कहना है कि पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है और जल्द ही सभी घटनाओं का खुलासा हो जाएगा। संवाद