स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में भजन प्रस्तुत करते गायक। स्रोत: आयोजक
शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में श्रीराम कथा के विश्राम के बाद आध्यात्मिक वातावरण से ओत-प्रोत भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुतियाें से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रद्धालु झूम उठे।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी सर्वेश्वरानंद ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इसके बाद मुंबई से आए डॉ.कमलेश उपाध्याय ‘हरिपुरी’ ने अपनी मधुर वाणी में सांसों की माला जपके व जो प्रेम गली आये नहीं, प्रियतम का ठिकाना क्या जाने, प्रस्तुत कर धूम मचा दी। उन्होंने सोहर गीत ‘ए राजा जी’ गाया तो पूरा पंडाल झूम उठा। झांसी से आईं साध्वी भक्ति प्रभा ने ‘अये मुरलीधर छलिया मोहन तुमको दिल दे बैठे’ आदि भजनों से भक्ति से परिपूर्ण भजनों के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना का संचार किया।
जालौन से आए महंत गुरु प्रसाद ने सीता रामजी प्यारी राजधानी लागे पारंपरिक शैली में भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। अध्यक्षता मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद व संचालन प्रो.अनुराग अग्रवाल ने किया।
इससे पूर्व एमएलसी सुधीर गुप्ता, डॉ. एके मिश्रा ने भजन गायकों का सम्मानित किया। प्राचार्य डॉ.आरके आजाद, डॉ.अमीर सिंह, सुयश सिन्हा, डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. सचिन खन्ना आदि मौजूद रहे।