विजलेश उर्फ भूरे का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
- फोटो : घटना पर विलाप करते परिजन।
रोजा (शाहजहांपुर)। रील बनाने के फेर में बुधवार शाम खन्नौत नदी में छलांग लगाने वाले थाना सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला बहादुरपुरा निवासी 21 वर्षीय विजलेश उर्फ भूरे का शव चौथे दिन शनिवार सुबह आरसी मिशन थाना क्षेत्र के दनियापुर गांव स्थित नदी में उतराता मिल गया। रक्षाबंधन पर मिले भाई के शव को देख बहनों की आंखों से अश्रुधारा बह निकली।
बुधवार की शाम थाना सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला बहादुरपुरा निवासी 21 वर्षीय विजलेश उर्फ भूरे ने रील बनाने के लिए खन्नौत नदी में छलांग लगा दी थी। नदी में कूदने के बाद भूरे करीब 500 मीटर दूर तक तैरता दिखाई दिया, लेकिन इसके बाद बह गया। पीएसी टीम रोजाना स्टीमर से भूरे की तलाश कर रही थी, लेकिन कुछ पता नहीं चल रहा था।
शनिवार को चौथे दिन सुबह नौ बजे घटनास्थल से करीब छह-सात किलोमीटर दूर दनियापुर में भूरे का शव उतराता मिला। मौके पर पहुंची बहन रचना छोटे भाई के शव को देख बिलख पड़ीं। बोलीं- 30 जुलाई को भाई दिल्ली से वापस आया था। उसने कहा था कि रक्षाबंधन पर लेने आएगा। बहन रचना ने बताया कि भाई भूरे ट्रक चालक था। चार भाइयों और तीन बहनों में छठे नंबर का था। बहन रचना, सपना, पूनम रोते-रोते बेहाल हो गईं।
दो माह बाद होनी थी भूरे की शादी
परिजनों ने बताया कि भूरे की शादी कानपुर की एक युवती से तय थी। गोदभराई भी हो चुकी थी। नवरात्र में बरात की तारीख तय होनी थी। घटना की जानकारी होने पर जहां उसका रिश्ता तय हुआ था, वे लोग भी पहुंचे। बहन रचना ने बताया कि दनियापुर घाट के पास वे लोग दो बार तलाश करने आ चुके थे।
विजलेश उर्फ भूरे का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन- फोटो : घटना पर विलाप करते परिजन।