मदनापुर क्षेत्र के ग्राम ढुकरी कलां में श्रीरामकथा सुनाते कथाव्यास योगेश दीक्षित। संवाद
शाहजहांपुर। मदनापुर क्षेत्र के ढुकरी कलां गांव में हो रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन बुधवार को कथा व्यास पंडित योगेश दीक्षित ने श्रीराम जन्म का मनोहारी प्रसंग सुनाया। बधाई गीत जन्म लियो रघुरैया अवध में बाजे बधैया सुनकर श्रद्धालु श्रोता झूम उठे।
कथा व्यास ने कहा कि जहां युद्ध न हो वह अयोध्या, जहां किसी का वध नहीं हो और जिसने दसों इंद्रियों को जीत लिया हो, वही दशरथ के समान है। इसी तरह दस मुख और दसों इंद्रियों से भोग करने वाला दशानन है। महाराज दशरथ मन में संतान नहीं होने की ग्लानि होने पर गुरु वशिष्ठ के पास गए तो उन्होंने चार पुत्र होने का आशीर्वाद दिया।
इसके निमित्त श्रृंगी ऋषि ने यज्ञ कराया। कालांतर में दशरथ को चार पुत्र हुए। महाराज दशरथ परमानंद में डूब गए और अयोध्या में भव्य तरीके से श्रीराम जन्मोत्सव मनाया गया। इससे पूर्व, आचार्य शनि तिवारी ने वेदी पूजन कराया। इस अवसर पर हरवेंद्र सिंह चौहान, गंगेश चौहान, संजय कुमार, सुमन चौहान, सतपाल आदि मौजूद रहे। संवाद